कर्नाटक के बीदर जिले में स्वतंत्रता दिवस समारोह के बाद एक विवाद सामने आया है। यहां एक प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेज के प्रिंसिपल पर छात्रों को ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ के नारे लगाने से रोकने का आरोप लगा है। छात्र के पिता की शिकायत के बाद पुलिस ने प्रिंसिपल के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
नारे लगाने पर छात्रों को रोका
यह मामला चितगुप्पा शहर के एक कॉलेज का बताया जा रहा है। कॉलेज में 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। इसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए और राष्ट्रगान भी गाया गया। एफआईआर के मुताबिक, कार्यक्रम खत्म होने के बाद कुछ छात्र कॉलेज से बाहर निकल रहे थे। इसी दौरान सुबह करीब 10 बजे छात्रों ने ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ के नारे लगाए। आरोप है कि कॉलेज के प्रिंसिपल अब्दुल हकीम ने छात्रों को रोक दिया और उन्हें दोबारा ऐसे नारे नहीं लगाने की चेतावनी दी। शिकायत में दावा किया गया है कि प्रिंसिपल ने इन नारों को एक खास धार्मिक समुदाय से जुड़ा बताया। उन्होंने कथित तौर पर कहा कि कॉलेज परिसर में इस तरह के नारे लगाने की अनुमति नहीं होगी। इसके बाद एक छात्र के पिता ने पुलिस से शिकायत की।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि कॉलेज में अलग-अलग समुदायों के छात्र पढ़ते हैं। ऐसे में छात्रों को धार्मिक आधार पर अलग करना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रिंसिपल के इस व्यवहार से छात्रों के बीच गलत संदेश जा सकता है और अलग-अलग समुदायों के बीच तनाव बढ़ सकता है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर 17 अगस्त को प्रिंसिपल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत केस दर्ज किया। पुलिस के अनुसार, मामले में धारा 126(2), 352 और 353(2) लगाई गई हैं। इन धाराओं में गलत तरीके से रोकने, जानबूझकर अपमान करने और अलग-अलग समूहों के बीच दुश्मनी बढ़ाने जैसे आरोपों से जुड़े प्रावधान शामिल हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच के बाद ही पूरी तस्वीर साफ होगी।

















