पाकिस्तान अधिक्रांत जम्मू-कश्मीर (POJK) में स्थानीय लोगों का असंतोष अब एक बड़े आंदोलन का रूप लेता दिख रहा है। लंबे समय से पाकिस्तान सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज उठा रहे लोगों ने अब असहयोग आंदोलन तेज करने का फैसला किया है। ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) के नेतृत्व में स्थानीय लोगों ने गांव स्तर पर समितियां बनाने और पाकिस्तान सरकार को टैक्स नहीं देने का ऐलान किया है। इससे आने वाले दिनों में पाकिस्तान के सामने नई चुनौती खड़ी हो सकती है।
टैक्स बहिष्कार
स्थानीय लोगों का आरोप है कि पाकिस्तान उनके क्षेत्र के संसाधनों का इस्तेमाल कर रहा है, लेकिन उन्हें उनके राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक अधिकार नहीं मिल रहे हैं। इसी नाराजगी के चलते पिछले करीब ढाई महीने से POJK के कई इलाकों में विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं। आंदोलनकारियों ने पहले भी चुनाव का बहिष्कार किया था और सरकार की नीतियों के खिलाफ अपनी आवाज उठाई थी। जेएएसी का कहना है कि अब स्थानीय लोग बिजली-पानी समेत दूसरी सुविधाओं से जुड़े बिल और पाकिस्तान सरकार को दिए जाने वाले अन्य करों का भुगतान नहीं करेंगे। इसके साथ ही प्रत्येक गांव में तीन समितियां बनाने की योजना है। इनमें राजनीतिक, आर्थिक और रक्षा समिति शामिल होगी। इन समितियों के जरिए गांव से जुड़े स्थानीय मुद्दों पर काम करने की बात कही गई है। अवामी कमेटी-जेएएसी के नेता सरदार अमीन कश्मीरी ने लोगों से बिजली बिल और अन्य करों का बहिष्कार करने की अपील की है। उनका कहना है कि कश्मीरी मेहनत करने वाले लोग हैं और वे अपने अधिकारों की लड़ाई से पीछे नहीं हटेंगे।

















