चमोली: पहाड़ों पर लेपर्ड क्या कम थे जो स्कूली बच्चों की राह रोकने अवारा कुत्तों भी आ धमके? लेपर्ड के डर से स्कूल तो बंद हुए लेकिन अब कुत्तों के कारण भी स्कूल जा अवकाश घोषित कर दिया गया, इस अजीबो गरीब आदेश की पूरे राज्य में चर्चा है। उत्तराखंड के पहाड़ पर वास्तव में कोई ग्रहण लग ही गया है। दो प्राकृतिक शत्रु यानी तेंदुए व कुत्ते मिलकर यहां के बच्चों की तालीम लेने की राह में रोड़ा बन रहे हैं।
चमोली जनपद के नारायणबगड़ में आवारा व हिंसक कुत्तों ने इस कदर आतंक मचा डाला है कि जिले के सीईओ को यहां के 10 विद्यालयों को 23 अगस्त तक बंद करने के आदेश जारी करने पड़े। कस्बे के बालक व बालिका राजकीय इंटर कॉलेज के साथ अन्य सभी 8 निजी व सरकारी विद्यालयों में 20 से 23 अगस्त तक छुट्टी रहेगी। और उसके बाद बराफवात और फिर रक्षाबंधन की छुट्टी हो जाएगी।
लेकिन सवाल यह है कि इतनी बड़ी तादात में एक ओर गुलदार घूम रहे हैं वहीं बड़ी संख्या में आवारा व हिंसक कुत्ते भी धमाचौकड़ी मचा रहे हैं। कुत्ते तेंदुओं के सबसे प्रिय भोजन में शामिल होने के बावजूद गुलदार इनका अपेक्षित शिकार नहीं कर पा रहे हैं। इससे बड़ी बिडम्बना क्या हो सकती है कि जिस पहाड़ और पहाड़ी को पहले गुलदारों ने सांसत में डाल रखा है अब वहां गुलदार का जानी दुश्मन कुत्ते भी पहाड़ियों की परीक्षा लेने पर उतारू है।
बहरहाल इस चर्चित विषय का राज्य सरकार ने भी संज्ञान लिया है और जिला प्रशासन से रिपोर्ट तलब की गई है।











