लखनऊ। चार कमरों और महज 30-35 विद्यार्थियों से शुरू हुआ सरस्वती शिशु मंदिर अर्जुनगंज अब 16 कक्षों और 422 विद्यार्थियों वाला शिक्षण संस्थान बन चुका है। विद्यालय के विस्तार की इसी कड़ी में मंगलवार को नवीन भवन के निर्माण के लिए भूमि पूजन किया गया और दो नवनिर्मित कक्षों का लोकार्पण हुआ। विद्यालय प्रबंधन ने अगले एक वर्ष में सीबीएसई की मान्यता हासिल कर इंटरमीडिएट तक की कक्षाएं शुरू करने का लक्ष्य तय किया है।
मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के वरिष्ठ प्रचारक एवं क्षेत्र संपर्क प्रमुख पूर्वी क्षेत्र मनोज समेत विद्या भारती के संगठन मंत्री पूर्वी क्षेत्र हेमचंद्र, प्रदेश निरीक्षक रामजी सिंह व विद्यालय प्रबंध समिति के पदाधिकारियों ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। नवीन भवन के भूमि पूजन के यजमान विनय प्रकाश तिवारी रहे। विद्यालय के कोषाध्यक्ष सुरेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि विद्या भारती द्वारा संचालित विद्यालय पिछले 28 वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में कार्य कर रहा है। वर्ष 2022 से पहले यहां केवल चार कक्ष और 30-35 विद्यार्थी थे। वर्ष 2023 में वर्तमान प्रबंध समिति के प्रयासों से विद्यालय के विस्तार की गति तेज हुई। अब तक 16 कक्षों का निर्माण हो चुका है और 422 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं।
आधुनिक शिक्षा के साथ संस्कारित पीढ़ी तैयार कर रहा सरस्वती शिशु मंदिर
विद्यालय में सीबीएसई पैटर्न के अनुरूप शिक्षा के साथ संस्कृत एवं सनातन शिक्षा पर विशेष जोर दिया जा रहा है। स्मार्ट क्लास, प्रोजेक्टर, कंप्यूटर आधारित पढ़ाई, खेलकूद और विद्यार्थियों के बौद्धिक, शारीरिक व मानसिक विकास से जुड़े कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। नवीन भवन का निर्माण भूकंपरोधी तकनीक से कराया जा रहा है और परिसर को हरित एवं स्वच्छ रखने पर भी विशेष ध्यान दिया गया है।
राज्यपाल ने दिए थे 15 कंप्यूटर
23 फरवरी 2026 को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने विद्यालय परिसर का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने विद्यालय को 15 कंप्यूटर प्रदान किए थे, जिनका लोकार्पण भी किया गया था। कार्यक्रम में प्रधानाचार्य डा. सुभाष पांडेय, शशिकांत शुक्ला, नरेंद्र राय, आचार्य-आचार्या बहनें, प्रबंधक विनीत मिश्रा, उपाध्यक्ष प्रदीप चंद जैन, कोषाध्यक्ष सुरेंद्र कुमार मिश्रा, देवेश राय, अमित अग्रवाल सहित संघ एवं प्रबंध समिति के पदाधिकारी उपस्थित थे।

















