पंजाब यूनिवर्सिटी चुनाव के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में भी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने परचम लहराया है। दुनिया ने फिर एक बार राष्ट्र प्रथम की हुंकार सुनी। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में अध्यक्ष पद पर यश डबास, सचिव पद पर रिया छाबड़ी और सह-सचिव पद पर लक्ष्य राज सिंह ने शानदार जीत दर्ज की। एबीवीपी ने कार्यकर्ताओं को बधाई देते हुए प्रत्येक विद्यार्थी को धन्यवाद दिया है। एबीवीपी की तरफ से कहा गया कि यह विजय राष्ट्र प्रथम की भावना, सामाजिक समरसता, विद्यार्थी हित और वर्षों से संस्कारित संगठनात्मक कार्यपद्धति में विद्यार्थियों के विश्वास को दर्शाती है।
कांग्रेस, आप और सीजेपी को नकारा
सोशल मीडिया पर माहौल बनाने की जगह एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने जमीनी स्तर पर काम किया। सत्य निकेतन हादसे के पीड़ितों के साथ एबीवीपी खड़ी रही, वहीं इस बार हास्टल और पीजी के हालात भी उसके घोषणापत्र में शामिल रहे। युवाओं ने जिन्हें विपक्ष जेन जी कहता है, उन्होंने एबीवीपी पर भरोसा जताया। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के छात्र संगठनों को छात्रों ने नकार दिया।
भाजपा के लिए भी यह जीत महत्वपूर्ण है क्योंकि कॉकरोच जनता पार्टी ने सत्य निकेतन की घटना के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेरने की पूरी कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो पाई। इस लिहाज से यह जीत कॉकरोच जनता पार्टी को भी आईना दिखाने वाली है। एबीवीपी की जीत के बाद सीजेपी के सौरव दास का बयान आया, उन्होंने कहा कि छात्रों का बहुमत सत्ता के खिलाफ है। विपक्ष के बंटे होने का फायदा सत्ता को मिल रहा है। लेकिन सौरव यह भूल जाते हैं कि यही विपक्ष जब इंडी गंठबंधन में था तो जनता ने उसे नकार दिया था।
भाजपा के महासचिव (संगठन) बीएल संतोष ने सोशल मीडिया पर लिखा कि पंजाब यूनिवर्सिटी,, चंडीगढ़ और मंगलुरु यूनिवर्सिटी, , कर्नाटक त्रिपुनिथुरा संस्कृत कॉलेज, केरल और अब नई दिल्ली, झूठ की गंजू और अराजकता की हार हर बार।
राष्ट्रविरोधी ताकतों को स्पष्ट संदेश
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया पर लिखा कि दिल्ली विश्वविद्यालय केवल एक यूनिवर्सिटी नहीं, यहां देश के हर कोने से विद्यार्थी पढ़ने आते हैं। यहां का जनादेश पूरे भारत के युवाओं के मन का प्रतिबिंब होता है। आज एबीवीपी को मिली शानदार जीत उन राष्ट्रविरोधी ताकतों के लिए स्पष्ट संदेश है, जो युवा शक्ति को राष्ट्रविरोधी एजेंडे की प्रयोगशाला बनाना चाहते हैं। देश का युवा आज राष्ट्र प्रथम की विचारधारा के साथ मजबूती से खड़ा है और यही इस जनादेश का सबसे बड़ा संदेश है।
डीयू ही नहीं, कई कॉलेजों में किया क्लीन स्वीप
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने दिल्ली विश्वविद्यालय ही नहीं, इसके कॉलेजों में भी जबर्दस्त जीत हासिल की। कई कॉलेजों में तो इसने क्लीन स्वीप किया। शिवाजी कॉलेज में एबीवीपी ने 6-0 से क्लीन स्वीप किया। यह दर्शाता है कि जेन जी किस तरह से एबीवीपी के साथ है। डॉ भीमराव अंबेडकर कॉलेज में सभी चार पदों पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने जीत हासिल की है। केशव महाविद्यालय में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव की 3 सीटों पर भारी मतों से विजय प्राप्त की। श्यामा प्रसाद मुखर्जी कॉलेज में अध्यक्ष, सचिव सहित दो सेंट्रल काउंसलर पद पर विजय प्राप्त की है। एसआरसीसी में अध्यक्ष, सचिव सहित दोनों काउंसलर पदों पर विजय प्राप्त की।
एबीवीपी शुरुआत से ही बढ़त बनाए रखी
आज वोटों की गणना में एबीवीपी शुरुआत से ही बढ़त बनाए हुए थी। लेकिन यह फेक न्यूज फैलाई गई कि एबीवीपी हार रही है। कुछ न्यूज चैनलों ने भी कहा कि एबीवीपी पिछड़ रही है, जबकि ऐसा नहीं था। सुबह साढ़े दस बजे से चारों पदों पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद लीड कर रही थी। प्रथम चरण में सभी सीटों पर बढ़त बनाए रही। इसके बाद उपाध्यक्ष और सह सचिव पद पर एबीवीपी पीछे हुई थी, लेकिन फिर वापसी की। इसके बाद ग्यारह बजे तीन पदों पर बढ़त बनाई जोकि आगे चलकर जीत में बदल गई।

















