पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने 31 जुलाई 2026 को हमीम मोंडल नाम के एक व्यक्ति को आतंकवाद से जुड़े शक में गिरफ्तार किया। STF ने 1 अगस्त को बताया कि हमीम के पास पाकिस्तानी संगठनों से जुड़े काम थे। उसका एक साथी अर्पिता सरकार भी पकड़ा गया है।
गिरफ्तारी कैसे हुई
STF की छह सदस्यीय टीम ने हमीम को गिरफ्तार किया। उसे कोर्ट में पेश किया गया और 14 दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया। पुलिस को जब पता चला कि हमीम और अर्पिता मिलकर एक राज्य मंत्री के बेटे को हनीट्रैप के जरिए अगवा करने की कोशिश कर रहे थे (खासकर हावड़ा से), तभी इनकी गतिविधियों पर नजर पड़ी। अर्पिता को झारखंड के साहेबगंज से उठाया गया और कोलकाता लाया गया।
दिल्ली के प्रदर्शन में घुसपैठ की योजना
STF के IG गौरव शर्मा के मुताबिक, पाकिस्तानी संगठनों ने हमीम को कहा था कि वह पुलिस की वर्दी का इंतजाम करे। फिर दिल्ली के जंतर-मंतर पर हाल ही में हुए CJP के प्रदर्शन में घुसकर हिंसा भड़काए। इसका मकसद था प्रदर्शन को बिगाड़ना और अराजकता फैलाना।
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मुख्यमंत्री और अन्य टारगेट
हमीम सिर्फ दिल्ली के प्रदर्शन तक सीमित नहीं था। पुलिस के अनुसार वह पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की दिनचर्या और मूवमेंट्स को स्टडी कर रहा था। इसका उद्देश्य उनकी सुरक्षा में कमजोरियां ढूंढना था। इसके अलावा दूसरे राजनेताओं और कई पुलिस अधिकारियों को भी निशाना बनाने की बात सामने आई है।
पाकिस्तानी लिंक्स
IG शर्मा ने बताया कि हमीम के कई पाकिस्तानी संगठनों से संबंध थे। वह शहजाद भट्टी गैंग और अन्य आतंकी संगठनों (जैसे जैश-ए-मोहम्मद) से जुड़ा हुआ माना जा रहा है। पुलिस कह रही है कि यह ब्रेनवॉशिंग और रेडिकल प्रोपगैंडा का केस है। अभी और कई लोग उनकी रडार पर हैं जिन्हें गिरफ्तार करना बाकी है।
क्या-क्या मिला
पुलिस ने हमीम और अर्पिता के पास से गैजेट्स, दस्तावेज, बैंक अकाउंट ट्रांजेक्शन और एन्क्रिप्टेड मैसेजेस बरामद किए हैं। इन सबकी जांच चल रही है ताकि उनके पूरे नेटवर्क, टारगेट्स और प्लानिंग का पता चल सके।

















