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गौमूत्र पर प्रियंका गांधी वाड्रा के बयान पर सुधांशु त्रिवेदी का पलटवार, बोले- अमेरिका में अंतरराष्ट्रीय पेटेंट

सुधांशु त्रिवेदी ने यह भी कहा कि विज्ञान की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को तथ्यों के आधार पर इस विषय को समझना चाहिए और राजनीतिक बयानों के पीछे की मंशा को भी पहचानना चाहिए

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एजेंसी

नई दिल्ली। राज्य सभा में चर्चा के दौरान गौमूत्र का मुद्दा भी राजनीतिक बहस का विषय बन गया। भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने विधेयक पर चर्चा के दौरान कांग्रेस पर हिंदू धर्म और भारतीय संस्कृति का अपमान करने का आरोप लगाया।

सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि पेपर लीक प्रिवेंशन बिल और नीट जैसे गंभीर विषयों पर चर्चा के दौरान कांग्रेस ने बिना किसी कारण गौमूत्र का मुद्दा उठाया। विपक्ष अवसर मिलते ही हिंदू धर्म और भारतीय संस्कृति का अपमान करने का प्रयास करता है।

भाजपा सांसद ने कहा कि गौमूत्र के औषधीय गुणों को लेकर अमेरिका में अंतरराष्ट्रीय पेटेंट दर्ज हैं। मैकाले और मार्क्स का मल जिनके दिमाग़ में भरा है उन्हें पता होना चाहिए कि यूएस पेटेंट 6410059 और यूएस पेटेंट 6896907 में गौमूत्र डिस्टिलेट (आसव) के ऐसे फार्मास्यूटिकल उपयोगों का उल्लेख है, जिनमें एंटीबायोटिक, एंटी-फंगल और कैंसर रोधी दवाओं की प्रभावशीलता तथा शरीर में उनके अवशोषण को बढ़ाने की बात कही गई है। उन्होंने इसे ‘बायो-एन्हांसर’ के रूप में भी बताया।

त्रिवेदी ने यह भी कहा कि विज्ञान की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को तथ्यों के आधार पर इस विषय को समझना चाहिए और राजनीतिक बयानों के पीछे की मंशा को भी पहचानना चाहिए।

गौमूत्र पर प्रियंका गांधी वाड्रा का बयान

सुधांशु त्रिवेदी का यह बयान कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा द्वारा आईआईटी मद्रास के निदेशक वी. कामकोटी को “गौमूत्र विशेषज्ञ” कहे जाने के बाद आया। सुधांशु ने कहा कि जिन लोगों को गौमूत्र से आपत्ति है, उन्हें इसके वैज्ञानिक अध्ययनों और अंतरराष्ट्रीय पेटेंट की जानकारी होनी चाहिए।

 

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