आज के समय में सोशल मीडिया लोगों के लिए अपनी बात रखने का सबसे बड़ा माध्यम बन गया है। यहां हर दिन करोड़ों लोग खबरें पढ़ते हैं, अपनी राय साझा करते हैं और नई जानकारी प्राप्त करते हैं। लेकिन कई बार कुछ लोग इसी प्लेटफॉर्म का गलत इस्तेमाल करते हैं। झूठी, भ्रामक या किसी की छवि खराब करने वाली पोस्ट समाज में भ्रम और तनाव पैदा कर सकती हैं। ऐसे मामलों को रोकने के लिए कानून भी सख्ती से काम करता है। इसी कड़ी में दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक और मानहानि करने वाले पोस्ट के मामले में बड़ी कार्रवाई की है।
आपत्तिजनक पोस्ट मामले में दिल्ली पुलिस ने दर्ज की एफआईआर
दिल्ली पुलिस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और अन्य नेताओं के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक पोस्ट साझा किए जाने के मामले में एफआईआर दर्ज की है। पुलिस के अनुसार, सोशल मीडिया पर कई ऐसे पोस्ट किए गए, जिनसे नेताओं की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई। पुलिस का मानना है कि इस तरह का कंटेंट लोगों के बीच गलत संदेश फैलाने के साथ-साथ कानून-व्यवस्था पर भी असर डाल सकता है। जानकारी के मुताबिक, ये पोस्ट मुख्य रूप से जंतर-मंतर पर हुए विरोध-प्रदर्शन के दौरान इंटरनेट मीडिया पर साझा किए गए थे। इस मामले की जांच दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रेटेजिक ऑपरेशंस यूनिट कर रही है। पुलिस ने आपराधिक धमकी, सार्वजनिक उपद्रव और मानहानि जैसी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
जांच के दौरान दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) और अन्य प्लेटफॉर्म को नोटिस जारी किया है। पुलिस ने निर्देश दिया है कि जिन पोस्ट में कथित रूप से आपत्तिजनक या मानहानि करने वाला कंटेंट है, उन्हें तीन घंटे के भीतर हटाया जाए या उन तक लोगों की पहुंच रोकी जाए। साथ ही, ऐसे पोस्ट करने वाले यूजर्स की जानकारी भी मांगी गई है, ताकि उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सके। पुलिस की जांच में करीब 500 ऐसे सोशल मीडिया अकाउंट्स की पहचान हुई है, जिन्होंने विरोध-प्रदर्शन से जुड़े डीपफेक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से तैयार किए गए वीडियो और तस्वीरें साझा की थीं। पुलिस ने इन अकाउंट्स को संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से ब्लॉक करने की सिफारिश भी की है।
















