छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में यूसीसी लागू करने की तैयारी तेज, शीतकालीन सत्र में पेश होगा विधेयक

देश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। उत्तराखंड के बाद अब छत्तीसगढ़ भी इस दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है।

Published by
Mahak Singh

देश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। उत्तराखंड के बाद अब छत्तीसगढ़ भी इस दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है। राज्य सरकार का कहना है कि यूसीसी लागू करने का उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए समान कानूनी व्यवस्था तैयार करना है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए सरकार ने तैयारियों की रफ्तार बढ़ा दी है। अब इस दिशा में पहला बड़ा कदम भी उठ चुका है, जिससे साफ है कि आने वाले समय में इस मुद्दे पर महत्वपूर्ण निर्णय लिया जा सकता है।

यूसीसी पर सरकार ने बढ़ाए कदम

इसी क्रम में शुक्रवार को मंत्रालय में यूसीसी समिति की पहली आधिकारिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में समिति के सदस्यों ने कानून के अलग-अलग पहलुओं पर चर्चा की। साथ ही यह प्रक्रिया भी शुरू की गई कि यूसीसी में किन-किन प्रावधानों को शामिल किया जाएगा। समिति का उद्देश्य ऐसा मसौदा तैयार करना है, जो कानूनी रूप से मजबूत होने के साथ-साथ प्रदेश की सामाजिक और सांस्कृतिक परिस्थितियों के अनुरूप भी हो। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि उनकी सरकार राज्य में यूसीसी लागू करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि दिसंबर में प्रस्तावित विधानसभा के शीतकालीन सत्र में यूसीसी विधेयक पेश किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इस कानून से नागरिकों के लिए कुछ मामलों में समान नियम लागू होंगे और कानूनी व्यवस्था अधिक स्पष्ट बनेगी। सरकार ने यूसीसी का मसौदा तैयार करने के लिए पांच सदस्यीय समिति का गठन किया है। समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं। समिति में सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी शत्रुघ्न सिंह, एम.के. राउत, वरिष्ठ अधिवक्ता मोहन पवार और सेवानिवृत्त प्राचार्या ज्योति रानी सिंह भी शामिल हैं। यह समिति राज्य के सामाजिक, सांस्कृतिक और कानूनी पहलुओं का गहराई से अध्ययन करेगी। जरूरत पड़ने पर विभिन्न वर्गों और विशेषज्ञों से सुझाव भी लिए जाएंगे।

समिति अपनी रिपोर्ट तैयार कर सरकार को सौंपेगी। इसके आधार पर यूसीसी का अंतिम ड्राफ्ट तैयार होगा और फिर उसे विधानसभा में पेश किया जाएगा। यदि विधेयक पारित हो जाता है, तो इसके बाद इसे लागू करने की प्रक्रिया शुरू होगी। यूसीसी को लेकर सरकार पहले ही कई अहम कदम उठा चुकी है। 15 अप्रैल 2026 को राज्य कैबिनेट ने प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इसके बाद 26 जून 2026 को समिति के गठन का नोटिफिकेशन जारी हुआ और 24 जुलाई 2026 को समिति की पहली बैठक के साथ ड्राफ्ट तैयार करने का काम शुरू हो गया। अब सभी की नजरें समिति की रिपोर्ट और विधानसभा के शीतकालीन सत्र पर टिकी हैं।

Share

Recent News