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“कांग्रेस राज में हुए 53 पेपर लीक”: तरूण चुग का राहुल गांधी पर तीखा प्रहार, बोले- बहस से भाग रही कांग्रेस!

बीजेपी महासचिव तरुण चुग ने राहुल गांधी की गुप्त विदेश यात्राओं पर उठाए सवाल, कांग्रेस पर विघटनकारी ताकतों से मिलीभगत का लगाया आरोप

Published by
राकेश सैन

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री एवं राज्यसभा सांसद तरुण चुग ने पेपर लीक के दोषियों को जल्द से जल्द कठोर सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फैसले का स्वागत किया। साथ ही उन्होंने राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस संसद में बहस से बचने के लिए विघटनकारी ताकतों के साथ मिलीभगत कर रही है।

फास्ट ट्रैक कोर्ट का फैसला युवाओं के हित में बड़ा कदम: तरुण चुग

प्रधानमंत्री के इस स्पष्ट संकल्प — “देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है” — का स्वागत करते हुए चुग ने कहा कि पेपर लीक मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का फैसला दिखाता है कि मेहनती छात्रों का भविष्य चुराने वालों के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति है।

उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री ने साफ कर दिया है कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को तेज न्याय और कठोरतम सजा मिलेगी। पेपर लीक माफिया, शिक्षा के सौदागरों और उन्हें बचाने वालों के लिए नए भारत में कोई जगह नहीं है।”

मोदी सरकार ने परीक्षा व्यवस्था को मजबूत किया: चुग

चुग ने याद दिलाया कि 2014 से पहले देश में न कोई राष्ट्रीय टेस्टिंग एजेंसी थी और न ही पेपर लीक के खिलाफ कोई कानून। मोदी सरकार ने 2017 में NTA बनाई, 2024 में सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) अधिनियम लाया और डॉ. के. राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों पर बायोमेट्रिक-फेस ऑथेंटिकेशन तथा सख्त SOP लागू किए।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने दशकों तक बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के परीक्षा व्यवस्था चलाई और पेपर लीक माफिया को फलने-फूलने दिया।

कांग्रेस और INDI गठबंधन पर पेपर लीक के आंकड़ों को लेकर हमला

आंकड़े गिनाते हुए चुग ने कहा कि कांग्रेस और उसके INDI गठबंधन के दलों की सरकारों में कुल 69 पेपर लीक हुए, जिनमें से 53 अकेले कांग्रेस शासनकाल में हुए। इनमें 15 राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं के और 38 कांग्रेस शासित राज्यों के मामले शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि UPA काल में AIEEE, AIIMS प्रवेश परीक्षा, SSC CGL, CBSE 12वीं, रेलवे भर्ती और LIC भर्ती जैसी बड़ी परीक्षाओं के पेपर लीक हुए। उन्होंने बताया कि NEET मामले में जिस रवि अत्री का नाम सामने आया, वह 2011 में कांग्रेस शासनकाल में AIIMS पेपर लीक मामले में भी शामिल था।

राज्यों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अकेले कांग्रेस शासित राजस्थान में REET समेत 9 पेपर लीक हुए, पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस सरकार के दौरान 7 पेपर लीक हुए, जिनमें चर्चित SSC शिक्षक भर्ती घोटाला शामिल है। पंजाब में कांग्रेस शासनकाल के दौरान 2006 में मेडिकल प्रवेश परीक्षा का पेपर लीक हुआ तथा झारखंड में JMM सरकार के दौरान 2021 से अब तक 5 पेपर लीक हो चुके हैं।

चुग ने कहा, “जिन्होंने युवाओं के भविष्य की यह लूट होने दी, वही आज छात्रों के लिए घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं।”

राहुल गांधी की विदेश यात्राओं और संसद में भूमिका पर उठाए सवाल

राहुल गांधी की लगातार गुप्त विदेश यात्राओं पर सवाल उठाते हुए चुग ने कहा कि देश जानता है कि कांग्रेस सामाजिक अशांति भड़काने की तैयारी में जुटी रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी संसद से इसलिए भाग रहे हैं क्योंकि कांग्रेस को डर है कि NEET और छात्रों-युवाओं से जुड़े मुद्दों पर खुली बहस से पार्टी के छह दशकों का विश्वासघात, पाखंड और राजनीतिक शोषण बेनकाब हो जाएगा।

चुग ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली NDA सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है और वह संसद में छात्रों-युवाओं से जुड़े हर मुद्दे पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है।

उन्होंने कहा, “दशकों तक कांग्रेस ने युवाओं से अवसर छीने, भ्रष्टाचार को संस्थागत बनाया और युवा भारतीयों की आकांक्षाओं को सिर्फ राजनीतिक नारा बनाकर रखा। आज जब संसद उन्हें अपना रिकॉर्ड सामने रखने का मौका दे रही है, तो वे बहस की जगह हंगामा चुन रहे हैं क्योंकि वे जानते हैं कि सच उनके लिए राजनीतिक रूप से विनाशकारी है।”

मोदी सरकार की युवा हितैषी योजनाओं का किया उल्लेख

चुग ने कहा कि मोदी सरकार ने युवाओं के लिए नीयत को नतीजों में बदला है। उन्होंने बताया कि रोजगार मेलों के जरिए 12 लाख से अधिक नियुक्ति पत्र वितरित किए गए हैं। PM विकसित भारत रोजगार योजना में ₹1 लाख करोड़ के प्रावधान से 3.5 करोड़ रोजगार का लक्ष्य रखा गया है।

उन्होंने कहा कि PMKVY के माध्यम से 1.6 करोड़ युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया गया है। PM-SETU के लिए ₹60,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है। स्टार्टअप्स की संख्या 350 से बढ़कर 2.2 लाख हो गई है। MUDRA योजना से 12 करोड़ नए उद्यमी तैयार हुए हैं। विश्वविद्यालयों की संख्या 723 से बढ़कर 1,338 हो गई है, जबकि IIT की संख्या 16 से बढ़कर 23 और AIIMS की संख्या 8 से बढ़कर 23 हो गई है।

उन्होंने कहा कि बेरोजगारी दर 2017-18 के 6 प्रतिशत से घटकर 2025 में 3.1 प्रतिशत रह गई है तथा 2014-24 के दशक में 17 करोड़ रोजगार सृजित हुए, जबकि कांग्रेस के 2004-14 के दशक में केवल 2.9 करोड़ रोजगार बने।

अंत में चुग ने कहा, “यही फर्क है युवाओं के लिए काम करने वाली सरकार और उन्हें सिर्फ ठगने वाली पार्टी में।”

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