
प्रदर्शन करते कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थक।
छात्र हित के नाम पर बनी कॉकरोच जनता पार्टी का 20 जुलाई को संसद मार्च और 21 मार्च को बड़े राजनीतिक प्रदर्शन की जानकारी अमेरिकी दूतावास को पहले से थी। उसने 17 जुलाई को ही एक चेतावनी जारी की। जिसमें भारी भीड़ जमा होने की बात कही गई है। सवाल उठ रहे हैं कि अमेरिकी दूतावास को इसकी जानकारी पहले से कहां से मिल गई।
अमेरिकी दूतावास ने प्रदर्शन के तीन दिन पहले ही उन स्थानों का जिक्र कर दिया है, जहां भारी भीड़ होने की आशंका थी। जबकि दिल्ली पुलिस ने 18 जुलाई को यातायात को लेकर एडवाइजरी जारी की। उसमें भी मानसून सत्र को लेकर जानकारी दी गई थी। कॉकरोच जनता पार्टी के संसद मार्च की अनुमति भी नहीं दी गई थी। दूतावास ने चेतावनी में यह भी कहा कि किसान घाट पर विरोध प्रदर्शन होने की संभावना है । इसमें लगभग 250 राष्ट्रीय किसान संगठनों का एक गठबंधन मोटरसाइकिलों पर सवार होकर नई दिल्ली पहुंचने और किसान घाट पर इकट्ठा होने की योजना बना रहा है। मतलब कि दूतावास को इतना विस्तार से पता था कि किसान आंदोलन बड़ा होगा और इसमें करीब 250 संगठन शामिल होंगे।
20 जुलाई, 2026 को मध्य दिल्ली में, विशेषकर जंतर-मंतर और संसद भवन के आसपास के क्षेत्रों में भारी भीड़ जमा होने की आशंका है । राजनेताओं और कार्यकर्ताओं का यह संभावित जमावड़ा संसद के मानसून सत्र के उद्घाटन दिवस के साथ मेल खाता है, और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी होने के कारण यातायात और सार्वजनिक परिवहन में काफी व्यवधान उत्पन्न हो सकता है।
इसके अतिरिक्त, 21 जुलाई, 2026 को मध्य दिल्ली के किसान घाट पर एक विरोध प्रदर्शन होने की संभावना है । लगभग 250 राष्ट्रीय किसान संगठनों का एक गठबंधन मोटरसाइकिलों पर सवार होकर नई दिल्ली पहुंचने और किसान घाट पर इकट्ठा होने की योजना बना रहा है।
इन दोनों प्रदर्शनों के व्यापक स्वरूप को देखते हुए, दिल्ली पुलिस से मध्य दिल्ली में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन लागू करने की उम्मीद है। अमेरिकी सरकार के कर्मचारियों को सावधानी बरतने, प्रभावित क्षेत्रों से यथासंभव बचने और यात्रा में होने वाली देरी के लिए योजना बनाने की सलाह दी जाती है।
अमेरिकी दूतावास ने एडवाइजरी में यह भी कहा कि परिवहन व्यवस्था पर गंभीर असर पड़ सकता है।
दूतावास संबंधित देशों के माहौल को देखकर एडवाइजरी जारी करते हैं। पर्यटकों को नागरिकों की सुरक्षा के लिए यह जरूरी भी है। भारतीय दूतावास भी विदेशों के माहौल पर एडवाइजरी जारी करता है। लेकिन, अमेरिकी दूतावास की ओर से जारी हालिया एडवाइजरी से सवाल खड़े होते हैं। एडवाइजरी तीन दिन पहले जारी होती है और वह भी संभावित घटनाओं की विस्तृत जानकारी के साथ। ऐसे में डीप स्टेट के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है। भारत को अस्थिर करने की जॉर्ज सोरोस (अमेरिकी निवेशक) की मंशा जगजाहिर है।
कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन का नेतृत्व अभिजीत दीपके कर रहे हैं। वह पहले आम आदमी पार्टी में थे और उसके बाद अमेरिका की बोस्टन यूनिवर्सिटी से जनसंचार की पढ़ाई की है।