किशनगंज। देश की सीमाओं को अभेद्य और अत्याधुनिक तकनीक से लैस बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने रविवार को पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी स्थित जुमागाछ सीमा चौकी पर आयोजित प्रहरी सम्मेलन में सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों से संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने सीमा सुरक्षा से जुड़ी कई आधुनिक परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया तथा सीमा प्रबंधन को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में हो रहे कार्यों की समीक्षा की।
कार्यक्रम के दौरान गृह मंत्री ने सीमाओं पर तैनात BSF के जवानों के साहस, समर्पण और राष्ट्र सेवा की भावना की सराहना करते हुए कहा कि देश की सीमाओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए सरकार आधुनिक तकनीक तथा स्वदेशी संसाधनों का अधिकतम उपयोग कर रही है। उन्होंने जवानों का उत्साहवर्धन करते हुए भरोसा दिलाया कि सरकार सीमा सुरक्षा बल को हर आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
सम्मेलन के दौरान अमित शाह ने घुसपैठिया चेतावनी प्रणाली (Intruder Alert System), रेडियो आधारित बाड़ भेदन पहचान प्रणाली, गेट मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर तथा न्यू डिज़ाइन फेंस पर स्थापित स्वदेशी बॉर्डर सिक्योरिटी सिस्टम की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। अधिकारियों ने इन अत्याधुनिक प्रणालियों की कार्यप्रणाली की जानकारी देते हुए बताया कि इन तकनीकों के माध्यम से सीमा पर होने वाली किसी भी संदिग्ध गतिविधि का तत्काल पता लगाकर सुरक्षा बलों को रियल टाइम अलर्ट प्राप्त होगा, जिससे घुसपैठ, तस्करी और अन्य अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा।
गृह मंत्री ने आधुनिक निगरानी उपकरणों, स्मार्ट सेंसर, डिजिटल कमांड एवं कंट्रोल सिस्टम तथा उन्नत संचार व्यवस्था की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि तकनीक आधारित सीमा सुरक्षा भविष्य की आवश्यकता है और भारत इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की सीमाओं को सुरक्षित, स्मार्ट और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। आज भारतीय सीमाएं केवल जवानों की सतर्कता पर ही नहीं, बल्कि अत्याधुनिक तकनीक, स्वदेशी सुरक्षा प्रणालियों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित निगरानी तंत्र से भी सुरक्षित हो रही हैं।
कार्यक्रम में अधिकारियों ने जानकारी दी कि नई तकनीकों के उपयोग से सीमा पर निगरानी की क्षमता कई गुना बढ़ेगी, प्रतिक्रिया समय कम होगा तथा किसी भी प्रकार की घुसपैठ या सीमा उल्लंघन की घटना पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी।
इस अवसर पर BSF के वरिष्ठ अधिकारियों सहित गृह मंत्रालय के अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश भी स्पष्ट हुआ कि भारत अब पारंपरिक सुरक्षा व्यवस्था से आगे बढ़कर स्मार्ट बॉर्डर मैनेजमेंट की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है। आधुनिक अलर्ट सिस्टम, स्वदेशी तकनीक और अत्याधुनिक उपकरणों से सुसज्जित भारतीय सीमाएं अब सुरक्षित, सक्षम और तकनीकी रूप से सशक्त सीमा सुरक्षा व्यवस्था की नई पहचान बनती जा रही हैं।

















