इस साल एक अप्रैल को सेक्टर-37 स्थित पंजाब भाजपा कार्यालय पर एक अप्रैल को हुए ग्रेनेड हमले में चंडीगढ़ पुलिस ने जिला अदालत में 11 आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। पुलिस ने चार्जशीट में सीमा-पार आतंकी और नार्को तस्करी नेटवर्क की परतें खोल दी हैं। जांच के अनुसार इस साजिश के तार पुर्तगाल, फ्रांस और पंजाब से जुड़े हैं।
पाकिस्तान से आए थे हथियार
पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए हथियार और हेरोइन भेजी गई थी, जबकि पुर्तगाल और फ्रांस में बैठे हैंडलर एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप के माध्यम से पूरे आपरेशन को चला रहे थे। आरोपितों ने पंजाब के उन लडक़ों को इस काम के लिए इस्तेमाल किया जो कम पढ़े-लिखे थे और जरूरतमंद थे।
युवकों को दिया विदेश का लालच
इस हमले में शामिल कुछ आरोपितों को तो पुर्तगाल और इटली में सेटल होने का भी लालच दिया गया था। इस हमले की प्लानिंग पुर्तगाल बैठे बलजोत सिंह उर्फ जोता, सुरजीत उर्फ सरपंच और फ्रांस बैठे औजला ने रची थी। औजला ने फ्रांस से आरोपितों को डिजिटल फंडिंग भी की थी।
इंटरनेट से आपस में जुड़े थे आरोपी
जोता और उसके साथी औजला ने पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए दो हैंड ग्रेनेड, एक पिस्टल और 25 से 30 कारतूस भारत भिजवाए थे। यह खेप पंजाब में कई आरोपितों के जरिए हमलावरों गुरतेज उर्फ तेजी और अमनप्रीत उर्फ अमन तक पहुंचाई गई थी। चार्जशीट के अनुसार, आरोपित इंटरनेट मीडिया पर अलग-अलग एप्स के जरिए आपस में कनेक्ट रहते थे जोकि जांच एजेंसियों से बचा जा सके।
सेक्टर-33 स्थित चंडीगढ़ भाजपा कार्यालय बना निशाना
चार्जशीट के मुताबिक, हमलावरों का पहला निशाना सेक्टर-33 स्थित चंडीगढ़ भाजपा कार्यालय था। एक अप्रैल 2026 को गुरतेज और अमन सेक्टर-43 स्थित बस स्टैंड होते हुए पहले सेक्टर-33 पहुंचे, लेकिन चंडीगढ़ भाजपा कार्यालय के बाहर भीड़ अधिक होने के कारण उन्होंने योजना बदल दी।
यूं दिया वारदात को अंजाम
इसके बाद दोनों ने गूगल मैप चेक किया तो पता चला कि चंडीगढ़ में भाजपा का एक और कार्यालय है। इसके बाद वह आटो से सेक्टर-37 स्थित पंजाब भाजपा कार्यालय पहुंचे। करीब 15 से 20 मिनट तक रेकी की और फिर कार्यालय की दीवार पर ग्रेनेड फेंककर सीटीयू बस से फरार हो गए। पुलिस का दावा है कि हमले का वीडियो बनाकर दोनों ने जांगी ऐप के जरिए अपने विदेशी हैंडलर को भेजा था।
ग्रेनेड का कोडवर्ड था प्याज
पुलिस की चार्जशीट के मुताबिक, आरोपित ग्रेनेड को कोडवर्ड में प्याज बोल रहे थे जबकि गोलियों को दाने बुलाते थे। जांच के अनुसार 15 मार्च को लखविंदर सिंह की सुरजीत उर्फ सरपंच से जांगी एप पर बातचीत हुई। सुरजीत ने उसे विदेश में बसाने का लालच देकर अमृतसर भेजा, जहां मुंह ढके एक युवक ने उसे हथियारों से भरा बैग सौंपा। बैग में दो हैंड ग्रेनेड, एक पिस्टल और 25 से 30 गोलियां थीं। लखविंदर ने यह बैग नवांशहर के ढाहां कलां गांव में बलविंदर लाल को दे दिया। बलविंदर लाल ने फिर बैग चरणजीत सिंह उर्फ चन्नी को सौंपा और चन्नी ने 16 मार्च को यह सामान गांव भारापुर में जसवीर सिंह उर्फ जस्सी तक पहुंचाया। जिसके बाद यह बैग हमलावरों गुरतेज और अमन तक पहुंचा।

















