अयोध्या / त्रिशूर (केरल)। सनातन संस्कृति और धार्मिक एकता को सूत्रबद्ध करने वाली पावन ‘श्री राम ज्योति यात्रा’ अपने अगले पड़ाव पर दक्षिण भारत के प्रमुख राज्य केरल पहुंच चुकी है. अयोध्या धाम से प्रज्वलित होकर निकली यह पवित्र ज्योति केरल के त्रिशूर स्थित सुप्रसिद्ध त्रिप्रियार श्री रामास्वामी मंदिर (Thriprayar Sree Ramaswamy Temple) पहुंची, जहां स्थानीय श्रद्धालुओं और न्यास के पदाधिकारियों ने इसका अत्यंत भव्य और भावपूर्ण स्वागत किया.
गौरतलब है कि त्रिशूर का यह पावन क्षेत्र और त्रिप्रियार मंदिर धार्मिक दृष्टिकोण से बेहद खास स्थान रखता है, क्योंकि यहाँ भगवान श्री राम के साथ-साथ उनके चारों भाइयों (लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न) के प्राचीन और भव्य मंदिर स्थापित हैं. पवित्र ज्योति के मंदिर प्रांगण में पहुंचते ही संपूर्ण क्षेत्र ‘जय श्री राम’ के जयकारों से गुंजायमान हो उठा और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने श्री राम ज्योति की महाआरती कर विशेष पूजा-अर्चना की.
17 जुलाई से शुरू हुआ ‘रामायण मास’, पूरे केरल में होगा ज्योति का भ्रमण
केरल में इस पावन यात्रा का समय बेहद विशेष चुना गया है. आज 17 जुलाई से लेकर अगले एक महीने (16 अगस्त) तक केरल में पारंपरिक और पवित्र ‘रामायण मास’ (Ramayana Masam) का आयोजन किया जा रहा है.
इस पूरे एक महीने की अवधि के दौरान श्री राम ज्योति को संपूर्ण केरल राज्य के विभिन्न जनपदों और प्रमुख देवालयों में भ्रमण (प्रवास) कराया जाएगा.
रामायण मास के दौरान होने वाले धार्मिक कार्यक्रम:
- पवित्र ज्योति के सान्निध्य में प्रत्येक निर्धारित पड़ाव और मंदिरों में विशेष वैदिक पूजन एवं महा-अनुष्ठान संपन्न किए जाएंगे.
- श्रद्धालुओं को अपने-अपने क्षेत्रों में इस पावन ज्योति के साक्षात दर्शन और दर्शन-पूजन का सौभाग्य प्राप्त होगा.
- महीने भर चलने वाले इस आध्यात्मिक उत्सव के दौरान केरल के घर-घर और मंदिरों में रामायण के श्लोकों और रामकथा का निरंतर पाठ किया जाएगा.
अयोध्या से चलकर त्रिशूर तक पहुंची यह श्री राम ज्योति यात्रा उत्तर और दक्षिण भारत के सांस्कृतिक व आध्यात्मिक जुड़ाव को और अधिक प्रगाढ़ कर रही है, जिसे लेकर संपूर्ण केरल के राम भक्तों में अभूतपूर्व हर्ष और भक्ति का माहौल है.















