आस्था, सेवा और स्वच्छता का अद्भुत संगम है श्री अमरनाथ यात्रा
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आस्था, सेवा और स्वच्छता का अद्भुत संगम है श्री अमरनाथ यात्रा

बालटाल मार्ग से पहली बार श्री अमरनाथ यात्रा का मेरा अनुभव। सुरक्षा, स्वच्छता, भंडारे, सेवा भावना और बाबा बर्फानी के दिव्य दर्शन की पूरी कहानी। जानिए कैसे आस्था हर कठिनाई को आसान बना देती है।

Written byसंजय सेठसंजय सेठ — edited by कुलदीप सिंह
Jul 14, 2026, 10:30 am IST
inमत अभिमत

इस वर्ष मुझे पहली बार एक सामान्य श्रद्धालु के रूप में पवित्र श्री अमरनाथ यात्रा करने का सौभाग्य मिला। मैंने बालटाल मार्ग से पैदल यात्रा की। लगभग 14.5 किलोमीटर का यह रास्ता कठिन जरूर है, लेकिन जैसे ही “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयघोष सुनाई देते हैं, सारी थकान अपने आप दूर हो जाती है। यह यात्रा केवल बाबा बर्फानी के दर्शन की नहीं, बल्कि श्रद्धा, सेवा, अनुशासन और आत्मविश्वास का अनुभव कराने वाली यात्रा है।

हमने सुबह लगभग चार बजे बालटाल से यात्रा शुरू की। चारों ओर शिवभक्तों का उत्साह देखने लायक था। जैसे ही सूरज निकला, हिमालय की चोटियां सुनहरी रोशनी से चमक उठीं। प्रकृति और आस्था का ऐसा सुंदर दृश्य जीवन भर याद रहने वाला है।

इसमें शामिल होता है समाज का हर वर्ग

इस यात्रा में सबसे अच्छी बात यह लगी कि समाज का हर वर्ग इसमें शामिल होता है। बुजुर्ग, महिलाएं, युवा और दिव्यांगजन अपनी-अपनी क्षमता के अनुसार यात्रा पूरी कर रहे थे। कोई पैदल चल रहा था, कोई घोड़े पर और कोई पालकी से बाबा के दर्शन के लिए जा रहा था। यह भी बहुत अच्छी व्यवस्था है कि घोड़ों के लिए अलग रास्ता बनाया गया है, जिससे पैदल चलने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होती।

सुरक्षा बल पूरी निष्ठा से निभा रहे अपनी जिम्मेदारी

पूरे यात्रा मार्ग पर भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस, बीएसएफ, आईटीबीपी, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, एनडीआरएफ तथा अन्य सुरक्षा बल पूरी निष्ठा से अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। हर श्रद्धालु की सुरक्षा और सुविधा का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। भारतीय सेना के द्वारा जगह-जगह ऑक्सीजन की व्यवस्था की गई है। मेडिकल कैंप लगाए गए हैं, जहां आवश्यक दवाइयां, प्राथमिक उपचार और एम्बुलेंस की सुविधा हर समय उपलब्ध रहती है। ऊंचाई वाले क्षेत्र में यह व्यवस्था श्रद्धालुओं को बहुत भरोसा और सुरक्षा का एहसास कराती है।

पूरे रास्ते में बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन (BRO) का कार्य अत्यंत प्रशंसनीय है। कठिन पहाड़ी क्षेत्र में सड़कें बहुत अच्छी बनाई गई हैं। जहां भी खाई का खतरा है, वहां मजबूत फेंसिंग की गई है, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना काफी कम हो जाती है। बाबा के दरबार से लगभग दो किलोमीटर पहले तक श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मार्ग पर पेवर ब्लॉक बिछाए गए हैं, जिससे चलना काफी आसान हो जाता है।

यात्रा के दौरान स्वच्छता बहुत अच्छी रही

यात्रा के दौरान स्वच्छता की व्यवस्था भी बहुत अच्छी लगी। पूरे मार्ग में साफ-सुथरे शौचालय, कचरा प्रबंधन और सफाई की लगातार व्यवस्था दिखाई देती है। लाखों श्रद्धालुओं के आने के बावजूद पूरे रास्ते को स्वच्छ रखने का प्रयास वास्तव में सराहनीय है। कई स्थानों पर सौर ऊर्जा से चलने वाली लाइटें भी लगी हैं।

इस यात्रा की सबसे बड़ी पहचान यहां की सेवा भावना है। देशभर से आए सामाजिक और धार्मिक संगठनों के साथ-साथ शिवभक्तों द्वारा जगह-जगह भंडारे लगाए गए हैं। बिना किसी भेदभाव के सभी श्रद्धालुओं की सेवा की जाती है। कहीं चाय, कहीं फल, कहीं भोजन और कहीं विश्राम की व्यवस्था है। सबसे सुखद बात यह रही कि देश के अलग-अलग राज्यों के सात्विक भोजन प्रसाद के रूप में प्रेम से परोसे जा रहे थे। छोले-भटूरे, राजमा-चावल, रोटी, पराठे, डोसा, इडली-सांभर, मिठाइयां और अनेक प्रकार के भोजन श्रद्धालुओं को पूरी श्रद्धा और सेवा भाव से खिलाए जा रहे थे। यह दृश्य वास्तव में भारत की सेवा परंपरा का जीवंत उदाहरण है।

आध्यात्मिक शक्ति होती है सबसे बड़ी

जब बाबा अमरनाथ की पवित्र गुफा में पहुंचा, तो मन पूरी तरह श्रद्धा से भर गया। वहां पहुंचकर यह एहसास हुआ कि आध्यात्मिक शक्ति सबसे बड़ी होती है। यह कोई सामान्य मंदिर नहीं है, बल्कि वह पवित्र स्थान है जहां स्वयं देवाधिदेव महादेव विराजमान हैं। गुफा के ऊपर प्रकृति ने पहाड़ के रूप में एक विशाल छत का निर्माण किया है। इसे देखकर ऐसा लगता है मानो स्वयं प्रकृति बाबा की सेवा में खड़ी हो। यह दृश्य ईश्वर की अद्भुत रचना का अनुभव कराता है।

बाबा के दरबार के सामने एक विशाल पर्वत शेषनाग के स्वरूप में दिखाई देता है, जो ऐसा प्रतीत होता है मानो बाबा के ऊपर छत्र बनकर खड़ा हो। यात्रा के दौरान मां काली के दिव्य स्वरूप के दर्शन हुए। संकटमोचन श्री हनुमान जी और श्री गणेश जी महाराज के दिव्य स्वरूपों के दर्शन ने भी मन को नई ऊर्जा और श्रद्धा से भर दिया। बाबा के दरबार में पहुंचकर पांडवों की तपस्थली को देखने का भी सौभाग्य मिला। इन सभी स्थानों के दर्शन इस यात्रा को और भी विशेष बना देते हैं।

अमरनाथ यात्रा में हुआ है काफी सुधार

यह देखकर भी बहुत अच्छा लगा कि पिछले कुछ वर्षों में यात्रा की व्यवस्थाओं में काफी सुधार हुआ है। आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की प्रेरणा से, माननीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी की नियमित समीक्षा, माननीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह जी के मार्गदर्शन तथा जम्मू-कश्मीर के माननीय उपराज्यपाल श्री मनोज सिन्हा जी के नेतृत्व में श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड, सुरक्षा बलों और सभी संबंधित एजेंसियों ने मिलकर यात्रा को पहले से अधिक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुविधाजनक बनाया है। वर्षों से यात्रा करने वाले अनेक श्रद्धालुओं ने भी बताया कि व्यवस्थाओं में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

मेरे लिए यह यात्रा केवल धार्मिक यात्रा नहीं रही, बल्कि जीवन को नई ऊर्जा, नई प्रेरणा और नई सोच देने वाला अनुभव रही। इस यात्रा ने मुझे यह सिखाया कि जब आस्था, सेवा, अनुशासन, स्वच्छता और अच्छा प्रबंधन साथ चलते हैं, तो कठिन से कठिन रास्ता भी आसान लगने लगता है।

मैं सभी श्रद्धालुओं से आग्रह करता हूं कि यदि स्वास्थ्य अनुमति दे, तो जीवन में एक बार अवश्य श्री अमरनाथ यात्रा करें। बाबा बर्फानी के दर्शन केवल आध्यात्मिक शांति ही नहीं देते, बल्कि जीवन को नई शक्ति और सकारात्मक सोच भी प्रदान करते हैं। बाबा बर्फानी से मेरी प्रार्थना है कि वे सभी देशवासियों को सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और विश्व में शांति का आशीर्वाद दें।

हर-हर महादेव। जय बाबा बर्फानी।

(लेखक भारत सरकार में रक्षा राज्य मंत्री हैं।)

Topics: बाबा बर्फानी दर्शनअमरनाथ यात्रा 2026बालटाल मार्ग अमरनाथ यात्राअमरनाथ यात्रा अनुभव
संजय सेठ
संजय सेठ
रक्षा राज्य मंत्री, भारत सरकार [Read more]
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