
चोरी के आरोप में दी गई तालिबानी सजा
मध्य प्रदेश के रायसेन जिले से सामने आए एक वायरल वीडियो ने मानवाधिकारों और कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने शनिवार (11 जुलाई) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस वीडियो को साझा करते हुए घटना की कड़ी निंदा की और कहा कि आयोग ने मामले का संज्ञान लेते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
प्रियंक कानूनगो ने अपनी पोस्ट में लिखा, “चोरी के आरोप में दो युवकों को करंट लगाने की तालिबानी सजा देने का यह वीडियो असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी (AIMIM) के नेता मुबीन खान ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर किया है। हम इस पर संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दे रहे हैं।” उन्होंने स्पष्ट शब्दों में आगे यह भी कहा, “यह भारत है। यहां शरिया या तालिबान का कानून नहीं चलेगा। कानून अपने हाथ में लेने वालों को सबक सीखना पड़ेगा।”
वायरल वीडियो में दो युवकों को चोरी के आरोप में बिजली के तार से बांधकर करंट देते हुए देखा जा सकता है। इस दौरान दोनों युवक दर्द से जोर-जोर से चिल्लाते और रहम की गुहार लगाते नजर आते हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें करंट दिया जाता है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद लोगों में आक्रोश फैल गया है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। विमल कुमार नाम के यूजर ने एक्स पर लिखा, “यह अमानवीय कृत्य है। स्थानीय पुलिस को कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए।” वहीं मुबीन खान के फॉलोवर्स इंस्टाग्राम पर दोनों युवकों का मजाक उड़ाते और गलत कमेंट करते हुए दिखाई दिए।
एनएचआरसी द्वारा मामले का संज्ञान लिए जाने के बाद अब स्थानीय प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं। उम्मीद की जा रही है कि वायरल वीडियो की सत्यता की जांच कर दोषियों की पहचान की जाएगी और उनके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।