अयोध्या। राजनीतिक रूप से मुलायम सिंह यादव के निकट माने जाने वाले ज्ञानदास ने कथित तौर पर समाजवादी पार्टी की सरकार के कार्यकाल में रोजा इफ्तार का आयोजन कराया था। हनुमानगढ़ी मंदिर की सीढ़ियों पर नमाज पढ़ी गई थी। ज्ञानदास के इस निर्णय का हिंदू संगठनों ने विरोध किया था। महंत धर्मदास जी ने अयोध्या जनपद न्यायालय में मुकदमा दायर किया था। न्यायालय ने इस प्रकार के आयोजन पर रोक लगा दी थी। उस समय योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या पहुंचकर इसका विरोध किया था।
हनुमानगढ़ी में रोजा इफ्तार आयोजन को लेकर हुआ था विवाद
उल्लेखनीय है कि अयोध्या जनपद में स्थित हनुमानगढ़ी मंदिर के महंत ज्ञानदास ने वर्ष 2003 में एक रोजा इफ्तार का आयोजन किया था। इसी रोजा इफ्तार के दौरान मंदिर की सीढ़ियों पर नमाज पढ़ने का प्रयास किया गया था। जैसे ही यह खबर लोगों को मिली, हर तरफ विरोध शुरू हो गया। स्थानीय लोगों के विरोध के कारण पुलिस ने स्थिति को संभाला। लोगों के विरोध को देखते हुए मंदिर के मुख्य प्रांगण में नमाज नहीं पढ़ी जा सकी।
महंत धर्मदास ने न्यायालय में दायर किया था मुकदमा
इस प्रकरण की जानकारी जब महंत धर्मदास को हुई तो उन्होंने अयोध्या जनपद न्यायालय में मुकदमा दायर किया। निर्वाणी अखाड़े के महंत धर्मदास राम मंदिर के मुकदमे में भी पक्षकार रह चुके हैं। महंत धर्मदास ने अयोध्या जनपद न्यायालय में मुकदमा दायर करके यह प्रार्थना की कि इस तरीके से नमाज पढ़ने और रोजा इफ्तार का आयोजन करने से स्थानीय लोगों में तनाव उत्पन्न हो रहा है। इस पर रोक लगाई जाए।
महंत धर्मदास ने समाजवादी पार्टी सरकार पर लगाए आरोप
महंत धर्मदास ने बताया कि, “उस समय समाजवादी पार्टी की सरकार थी और महंत ज्ञानदास ने मुसलमानों और मुलायम सिंह यादव को प्रसन्न करने के चक्कर में इस तरह का कदम उठाया था। हनुमानगढ़ी के पास रोजा इफ्तार का आयोजन किया गया था और वहां पर नमाज पढ़ी गई थी। मेरे द्वारा अयोध्या जनपद न्यायालय में वाद दायर किया गया। वाद की सुनवाई करने के बाद जनपद न्यायालय ने आदेश दिया कि समस्त क्षेत्र में इस तरह के रोजा इफ्तार आदि कार्यों पर रोक लगाई जाती है।”
योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या पहुंचकर किया था विरोध
धर्मदास बताते हैं कि, “जैसे ही यह खबर उस समय के गोरखपुर के सांसद योगी आदित्यनाथ जी को मिली, वे तुरंत गोरखपुर से चलकर अयोध्या आए और उन्होंने हनुमानगढ़ी के गेट के सामने एक जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी थी कि अगर इस प्रकार की हरकत कोई करेगा तो हर प्रकार से उसका विरोध किया जाएगा और किसी भी कीमत पर इस प्रकार की गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हालिया जनसभा में किया उल्लेख
उल्लेखनीय है कि गत शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक जनसभा में कहा कि हनुमानगढ़ी की पवित्र सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाने का काम इन्हीं लोगों ने किया था। इन लोगों ने हर प्रमुख धर्मस्थल को विवादित बनाने का प्रयास किया और अयोध्या में भी लगातार विवाद खड़ा करने की राजनीति की। एक समय ऐसा था, जब अयोध्या में कोई जय श्रीराम का उद्घोष कर देता था तो उसके खिलाफ लाठी और गोली चलती थी। राम मंदिर निर्माण का विरोध करने वाले कहते थे कि यदि मंदिर बना तो खून की नदियां बहेंगी। लेकिन हमने कहा था कि एक मच्छर भी नहीं मरेगा और आज पूरा देश देख रहा है कि राम मंदिर का भव्य निर्माण हुआ, प्राण प्रतिष्ठा भी संपन्न हुई और कहीं कोई अशांति नहीं हुई। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को कोई नहीं रोक पाया।














