नई दिल्ली: घरेलू शेयर बाजार बुधवार को बड़ी गिरावट के साथ बंद हुआ। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान ने मार्केट में हलचल बढ़ा दी। उन्होंने जैसे ही ईरान के साथ युद्ध विराम समझौते को समाप्त करने की बात कही बाजार में चौतरफा बिकवाली तेज हो गई। इसके साथ ही पश्चिम एशिया में एक बार फिर से संघर्ष की आशंका गहरा गई। BSE का सेंसेक्स 1,677 अंक की बड़ी गिरावट के साथ बंद हुआ। दोपहर में सेंसेक्स एक समय 1,914 अंक तक टूट गया था।
NSE का निफ्टी50 भी 581 अंक लुढ़ककर 23,900 के स्तर से नीचे समाप्त हुआ। ट्रंप के बयान के बाद मार्केट में मचे इस हाहाकार का निवेशकों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा और एक दिन में उनकी 10 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति स्वाहा हो गई। BSE लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप घटकर 470 लाख करोड़ रुपये रह गया। सेंसेक्स के सभी 30 शेयर लाल निशान में बंद हुए। बाजार में उतार-चढ़ाव मापने वाला इंडेक्स इंडिया वीआईएक्स 27% उछलकर 14.85 पर पहुंच गया। यह निवेशकों के बीच गहरे डर को दिखाता है।
Explainer: क्या टूट गया US- ईरान समझौता? ट्रंप ने कहा- तेहरान के साथ बातचीत समय की बर्बादी
ट्रंप के तीखे बयान और ईरान के साथ समझौता रद्द कर नए प्रतिबंध लगाने से मार्केट में खलबली मच गई। इस तनाव से वैश्विक स्तर पर ब्रेंट क्रूड लगभग 5% उछलकर 78.09 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचा। क्रूड में उछाल से भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 0.6% टूटकर 95.50 के पार फिसला। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिम एशिया संघर्ष से बाजार में अनिश्चितता है। दक्षिण कोरिया व ताइवान के मुकाबले भारत में विदेशी निवेश की संभावना राहत देने वाली है। बता दें कि ईरान और अमेरिका के बीच शांति समझौता लगभग टूट चुका है। ट्रंप ने साफ कह दिया है कि उनके लिए यह समझौता अब समाप्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि तेहरान के साथ बातचीत करना समय की बर्बादी है। उनके इस बयान से एक बार फिर पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने और नए संघर्ष की आशंका गहरा गई है।

















