इजरायल के हमलों के कारण ऐसा लगता है कि आखिरकार हमास ने हार मान ली है। दो दशक तक गाजा पर करने के बाद अब उसने अपनी सत्ता एक अंतरिम प्रशासन को सौंपने की घोषणा कर दी है। यह प्रशासन अमेरिका के समर्थन वाला है। समूह ने कहा है कि नेशनल कमेटी फॉर द एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ गाजा (NCAG) को गाजा चलाने की जिम्मेदारी दे दी जाएगी।
यह फैसला सोमवार को आया। हमास की तरफ से साफ कहा गया कि वे अब गाजा की राजनीतिक दिशा नहीं देंगे, लेकिन सुरक्षा संबंधी कुछ जिम्मेदारियां अभी भी उनके पास रहेंगी। उन्होंने एकतरफा रूप से हथियार डालने का वादा नहीं किया, जैसा कि इजराइल और अमेरिका मांग कर रहे हैं।
हमास नेता का इस्तीफा
हमास प्रशासन के प्रमुख मोहम्मद अल-फर्रा ने अपना इस्तीफा दे दिया। उन्होंने लिखा कि गाजा में सरकारी सिस्टम को हैंडओवर करने की सारी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। उन्होंने दो पदों से इस्तीफा दिया – सरकारी कामकाज फॉलो-अप कमेटी के चेयरमैन और सरकारी इमरजेंसी कमेटी के चेयरमैन। ये दोनों पद 2007 में हमास के गाजा पर पूरा नियंत्रण लेने के बाद इस्तेमाल किए जा रहे थे।
हमास के प्रवक्ता हाजेम कासेम ने एएफपी को बताया कि हमास ने यह कदम इसलिए उठाया है ताकि इजराइल के कब्जे के लिए कोई बहाना न बचे। उन्होंने कहा कि इजराइल अभी भी आक्रामक कार्रवाई और युद्ध जारी रखे हुए है।
NCAG क्या है और उसकी स्थिति
NCAG को जनवरी में अमेरिका की मध्यस्थता वाले सीजफायर के तहत बनाया गया था। इसमें ज्यादातर प्रमुख फिलिस्तीनी प्रोफेशनल्स शामिल हैं, कुल 13 सदस्य। लेकिन इजराइल की सरकार ने इसे गाजा में घुसने नहीं दिया। ये लोग तब से काहिरा में ही अटके हुए हैं। NCAG के चेयरमैन अली शाथ ने सोशल मीडिया पर लिखा कि वे अपनी राष्ट्रीय जिम्मेदारियां निभाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं, बस जरूरी संसाधन और क्षमता उपलब्ध होनी चाहिए।
मौजूदा हालात और चुनौतियां
गाजा में अभी भी मानवीय संकट बना हुआ है। सीजफायर सिर्फ आंशिक रूप से मान्य हो रहा है। गाजा की करीब 21 लाख आबादी अभी भी भारी मुश्किलों का सामना कर रही है। इजराइल गाजा के करीब 60% इलाके पर सीधा नियंत्रण रखता है। ट्रंप प्रशासन ने NCAG को समर्थन दिया है, लेकिन इजराइल की तरफ से एक अलग प्लान भी है। उसमें राहत और पुनर्निर्माण को सिर्फ छोटे-छोटे बसे हुए इलाकों तक सीमित रखने की बात है, जिन्हें “ह्यूमैनिटेरियन सिटी”, “अल्टरनेटिव सेफ कम्युनिटीज” या “न्यू रफाह” कहा जा रहा है। पूर्व इजराइली प्रधानमंत्री एहुद ओल्मर्ट ने इसे “कंसंट्रेशन कैंप” कहा है।
विशेषज्ञों की राय
इंटरनेशनल क्राइसिस ग्रुप के मैक्स रोडेनबेक ने कहा कि हमास के पास बहुत कम विकल्प हैं। गाजा में लगातार दुख और परेशानी बनी हुई है। हमास राजनीतिक सत्ता छोड़ने का संकेत दे रहा है, ताकि शांति प्रक्रिया आगे बढ़े। यूरोपियन काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस के मुहम्मद शहादा कहते हैं कि हमास नई रफाह प्लान को बायपास करना चाहता है। अगर NCAG सिर्फ उसी छोटे इलाके में चला जाएगा तो उसकी वैधता पर सवाल उठेगा।
ट्रंप की ब्रोकर की गई शांति योजना के तहत पूरे गाजा में पुनर्निर्माण और नई शासन व्यवस्था की बात है, न कि सिर्फ इजराइल नियंत्रित हिस्से में। फिलिस्तीनी अथॉरिटी और उसके अरब-यूरोपीय समर्थक इस पर अमेरिका को मनाने की कोशिश कर रहे हैं।










