हरिपुर कालसी (देहरादून) । लगभग दस वर्षों के अथक परिश्रम, निरंतर संघर्ष, जनजागरण और जनसमर्थन के साथ मां यमुना जी की विशाल मूर्ति, यमुना जी के पिलर पर स्थापित होने के लिए हरिपुर पहुंच गई है।
दस वर्षों के संकल्प का पहला चरण पूर्ण
इस मूर्ति की स्थापना का संकल्प लोक पंचायत के सदस्यों ने लिया था। मां यमुना की भव्य प्रतिमा का प्रथम भाग सफलतापूर्वक हरिपुर घाट पहुंच चुका है। यह केवल एक निर्माण कार्य नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक आस्था, धार्मिक विरासत और सामाजिक एकता का प्रतीक है।
हरिपुर में बन रहा है पहला यमुना घाट
उल्लेखनीय है कि हरिपुर में विशाल यमुना कृष्ण घाट का निर्माण धामी सरकार द्वारा कराया जा रहा है, जो यमुना जी पर उत्तराखंड का पहला घाट है।
लोक पंचायत ने बताया ऐतिहासिक उपलब्धि
लोक पंचायत संस्था के महासचिव सतपाल चौहान ने बताया कि यह उपलब्धि उन सभी लोगों को समर्पित है, जिन्होंने तन, मन, धन और समय देकर इस पावन अभियान को आगे बढ़ाया।
श्री चौहान ने कहा कि हरिपुर कालसी कभी अध्यात्म की दृष्टि से अत्यंत विशाल यमुना तीर्थ हुआ करता था, जो किसी प्रलय में बह गया। अब सरकार और उनकी संस्था इसकी पुनर्स्थापना के संकल्प को पूरा करने में जुटी हुई है।
मां यमुना के प्राचीन गौरव की पुनर्स्थापना का आह्वान
उन्होंने कहा कि यह पहला चरण है, अभी लक्ष्य पूर्ण नहीं हुआ है। हम सभी का कर्तव्य है कि इसी उत्साह, समर्पण और सहयोग के साथ आगे भी इस पुण्य कार्य में सहभागी बनें, ताकि मां यमुना का प्राचीन गौरव और दिव्य वैभव पुनः स्थापित हो सके।
संस्था ने सभी सनातनियों से आग्रह किया कि हम सब मिलकर इस ऐतिहासिक अभियान को सफल बनाएं और आने वाली पीढ़ियों के लिए अपनी संस्कृति और आस्था की इस अमूल्य धरोहर को सुरक्षित रखें।














