गाजियाबाद जनपद में पुलिस ने कार में भ्रूण का लिंग परीक्षण और फिर गर्भपात कराने वाले एक झोलाछाप डॉक्टर समेत संदीप, तस्लीम, सलमान और शाहिद को गिरफ्तार किया। पोर्टेबल अल्ट्रासाऊंड मशीन और लिंग परीक्षण से संबंधित उपकरण बरामद हुए हैं। चलती कार में भ्रूण का परीक्षण किया जाता था और फिर सौदा तय होने पर एक निजी अस्पताल में गर्भपात करा जा रहा था। एक साल में करीब 500 महिलाओं का भ्रूण लिंग परीक्षण किया गया और 100 से अधिक महिलाओं का गर्भपात कराया।
बता दें कि गत शनिवार को 2 महिलाओं का भ्रूण लिंग परीक्षण किया गया। उसके बाद अभियुक्त महामाया स्टेडियम फ्लाईओवर के पास एक अन्य महिला की प्रतीक्षा कर रहे थे। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर चारों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया। मौके से पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन, मेडिकल उपकरण और अर्टिगा कार को थाने पर लाया गया।
कई शहरों में चल रहा था गोरख धंधा
यह धंधा पिछले एक वर्ष से दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा, मेरठ, बागपत और बुलंदशहर समेत कुछ जनपदों में किया जा रहा था। अभी तक करीब 500 महिलाओं का भ्रूण लिंग परीक्षण किया जा चुका है। इनमें से 100 से अधिक महिलाओं का गर्भपात भी कराया गया।
यह गिरोह भ्रूण के लिंग परीक्षण के लिए पूरी गोपनीयता के साथ काम कर रहा था। गर्भवती महिला से बातचीत तय हो जाने के बाद उससे बीस हजार रूपये जमा कराए जाते थे। अभियुक्तों के द्वारा उस महिला को एक निश्चित स्थान से कार में बैठा कर अल्ट्रासाउंड मशीन से लिंग परीक्षण कराया जाता था। लिंग परीक्षण के बाद अगर किसी महिला ने गर्भपात की इच्छा जाहिर की तो उसको
दिल्ली के लोनी इलाके में स्थित एक अस्पताल में ले जाकर के उसका गर्भपात भी कराया जा रहा था।
इस कार्य में महिला के घर के किसी पुरुष सदस्य को आने की अनुमति नहीं दी जाती थी और कार में बैठने के बाद मोबाइल फोन बंद कर दिया जाता था। अभियुक्तों ने पुलिस को बताया कि किसी महिला से डील करने के पहले उस महिला के बारे में पूरी छानबीन की जाती थी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वह किसी पुलिस वाले के संपर्क में नहीं है।










