जीन कैरोल रेप केस में फंसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पीड़िता को 5 मिलियन डॉलर के सिविल जजमेंट को टालने की कोशिश शुरू कर दी है। इसके लिए उनके वकीलों ने अदालत में एक नई अर्जी दाखिल की है। इसमें वे और समय मांग रहे हैं। यह अर्जी उस समय आई है जब अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने कुछ दिन पहले ही ट्रंप की अपील सुनने से इनकार कर दिया था। अब ब्याज समेत यह रकम करीब 5.8 मिलियन डॉलर हो चुकी है।
क्या है पूरा मामला
2023 में एक जूरी ने फैसला सुनाया था कि 1996 में ट्रंप ने ई जीन कैरोल के साथ यौन दुर्व्यवहार किया था। इसके बाद जब कैरोल ने 2019 में इसकी सार्वजनिक रूप से बात की तो ट्रंप ने उन्हें बदनाम भी किया। जूरी ने कैरोल को 5 मिलियन डॉलर मुआवजे का हकदार माना। ट्रंप ने इस फैसले के खिलाफ अपील की, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में उसे खारिज कर दिया। ट्रंप ने पहले ही अदालत में पैसे जमा कर रखे हैं (एस्क्रो फंड में), लेकिन वे अभी तक कैरोल को दिए जाने से बच रहे हैं। अब उनका नया वकील इस पैसे को रिलीज होने से रोकने की कोशिश कर रहा है।
ट्रंप के वकीलों की दलील
ट्रंप के वकीलों ने कहा कि उनका पुराना मुख्य वकील जस्टिन स्मिथ पिछले महीने फेडरल जज बन गए हैं। ट्रंप ने खुद उन्हें इस पद के लिए नामित किया था। अब नया मुख्य वकील जोश हाल्पर्न केस की पूरी डिटेल्स समझने के लिए और समय चाहता है। उन्होंने अदालत से अनुरोध किया है कि कैरोल की तरफ से भुगतान की मांग पर जवाब देने की डेडलाइन को 14 जुलाई तक बढ़ा दिया जाए। उनका कहना है कि पैसे अदालत में सुरक्षित हैं और ब्याज भी जमा हो रहा है, इसलिए कैरोल को कोई नुकसान नहीं होगा।
कैरोल के वकील का जवाब
वहीं ई जीन कैरोल की वकील रोबर्टा कपलान ने इसे साफ तौर पर समय खरीदने की कोशिश बताया। उन्होंने कहा कि स्मिथ को पांच महीने पहले नामित किया गया था। ट्रंप को नया वकील रखने के लिए काफी समय मिल चुका था। फरवरी से ही उन्हें इसकी तैयारी करनी चाहिए थी। कपलान ने कहा कि ट्रंप की टीम बार-बार भुगतान टालने की कोशिश कर रही है। उन्होंने अदालत से अनुरोध किया है कि ट्रंप को जल्द से जल्द पैसे चुकाने का आदेश दिया जाए।
बहरहाल डोनाल्ड ट्रंप लगातार इन आरोपों से इनकार करते रहे हैं। वो इसे राजनीतिक और पैसे कमाने की साजिश मानते हैं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद उन्होंने इसे “वैपनाइजेशन एंड लॉफेयर” का केस कहा और लड़ाई जारी रखने की बात कही। कपलान की फाइलिंग में यह भी जिक्र है कि ट्रंप 83 मिलियन डॉलर वाले दूसरे बदनामी के केस को भी सुप्रीम कोर्ट में ले जाना चाहते हैं।











