दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में भूकंप से तबाही के बाद आज (मंगलवार को) एक बार फिर से देश के उत्तरी इलाके में एक तेज आफ्टरशॉक आया। इससे राजधानी काराकास और बंदरगाह शहर ला गुएरा में लोग डर के मारे सड़कों पर निकल आए। यह मुख्य भूकंप के पांच दिन बाद हुआ। पिछले बुधवार को दो बड़े भूकंप आए थे। पहला 7.2 और दूसरा 7.5 तीव्रता का। इनमें अब तक 1700 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। हजारों लोग अब भी लापता हैं। इससे बड़ा मानवीय संकट खड़ा हो गया है।
आफ्टरशॉक की जानकारी
यह आफ्टरशॉक 4.6 तीव्रता का था। कोलंबिया के सर्वे ने इसे 5.1 बताया। इसमें नई क्षति की तुरंत कोई खबर नहीं आई, लेकिन लोग फिर से घबरा गए। राष्ट्रीय असेंबली के प्रमुख जॉर्ज रोड्रिगेज ने कहा कि नई क्षति की रिपोर्ट नहीं है। फिर भी काराकास और ला गुएरा में भूकंप की सायरन बजने और धरती हिलने से लोग बाहर निकल आए। एक स्थानीय महिला अमारेलिस मेंडोजा ने बताया, “मैं सो रही थी। हिलने से नींद खुल गई। यह पिछले बुधवार वाले भूकंप जितना ही महसूस हुआ, भले ही छोटे आफ्टरशॉक्स मैंने महसूस नहीं किए थे।”
लोगों की स्थिति
काराकास के सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों जैसे अल्तामिरा और सान बर्नार्डिनो में लोग पहले से ही सड़क किनारे टेंट लगाकर या इमारतों के बाहर सो रहे थे। आफ्टरशॉक के बाद वे फिर सड़कों पर आ गए। कई लोग अब भी अपने घरों में वापस जाने से डर रहे हैं। काराकास मेट्रो की कई लाइनें फिर बंद कर दी गईं। सान बर्नार्डिनो में रीता अपार्टमेंट बिल्डिंग (जो पूरी तरह ढह गई थी) पर सर्च ऑपरेशन डेढ़ घंटे के लिए रोकना पड़ा। कुछ दुकानें फिर खुलने लगी हैं, लेकिन पार्कों और सार्वजनिक जगहों पर शरण लेने वालों की संख्या बढ़ रही है। पार्के डेल एस्टे में सैकड़ों परिवार टेंट में रह रहे हैं।
राहत और बचाव कार्य
बुधवार के भूकंप के बाद बचाव टीमों ने मलबे में खोजबीन जारी रखी। रविवार को ला गुएरा में एक पिता और बेटे को जिंदा निकाला गया, जिससे थोड़ी उम्मीद जगी। अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने कहा कि जिंदा लोगों को बचाने का काम जारी रहेगा। लेकिन समय बीतने के साथ उम्मीद कम हो रही है। एक सल्वाडोर के बचावकर्मी ने कहा कि अब ज्यादातर शव ही मिल सकते हैं।
सरकार के अनुसार 3,150 लोग घायल हुए और करीब 800 इमारतें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुईं। दसियों हजार लोग लापता हैं। लाखों लोगों को साफ पानी, सैनिटेशन और जरूरी चीजों की कमी है। ला गुएरा में लूटपाट की घटनाएं हुईं। लोग कह रहे हैं कि मदद बहुत कम और देर से पहुंच रही है। कुछ इलाकों में लोग सैनिकों से हथियार रखकर खुदाई में मदद करने की अपील कर रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय मदद
24 देशों ने 521 टन सामान, 86 डॉग यूनिट और 2,700 से ज्यादा बचावकर्मी भेजे हैं। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार 67.6 लाख लोग प्रभावित हो सकते हैं। संयुक्त राष्ट्र ने मरम्मत का खर्च 6.7 अरब डॉलर बताया। अमेरिका ने अपनी मदद दोगुनी करके 300 मिलियन डॉलर कर दी। देश पहले से ही सालों की आर्थिक मुश्किलों से जूझ रहा है। अस्पताल और सेवाएं कमजोर हो चुकी हैं। यह पिछले सौ साल में सबसे बड़ा भूकंप है।














