लगभग छह-सात साल पहले पंजाब में शुरू हुआ गैंगस्टरवाद अब आतंकवाद जैसे भयानक खतरे का रूप लेता दिख रहा है। चौंकाने वाली बात यह है कि गैंगस्टरों के हाथों में अब देसी कट्टे कम और एके-47 और ग्लाग पिस्टल जैसे हथियार अधिक दिखाई देने लगे हैं। राज्य में लगभग हर रोज अवैध हथियारों की नई खेप पकड़ी जा रही है, जिससे साफ है कि हथियार तस्करी का नेटवर्क लगातार फैल रहा है।
पांच महीनों में मिले 713 हथियार
‘गैंगस्टरां ते वार’ अभियान के तहत पिछले 155 दिनों में 713 अवैध हथियार, 218 मैगजीन और 2009 कारतूस बरामद किए गए हैं, जिससे कई तस्करी माड्यूल का पर्दाफाश हुआ है। जांच एजेंसियों के अनुसार पंजाब में अवैध हथियार मुख्य रूप से दो बड़े स्रोतों से पहुंच रहे हैं। पहला, पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा, जहां ड्रोन के जरिए हथियारों की खेप सीमावर्ती इलाकों में गिराई जा रही है।
देश-विदेश से हो रही हथियारों की आपूर्ति
दूसरा, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान से संचालित इंटर-स्टेट नेटवर्क, जो सडक़ मार्ग के जरिए हथियार पंजाब पहुंचा रहा है। सीमावर्ती जिलों अमृतसर, फिरोजपुर, तरनतारन और फाजिल्का में ड्रोन ड्रॉप के मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
कनाडा-पुर्तगाल में हैंडलर्स
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि विदेशों, खासकर कनाडा और पुर्तगाल में बैठे हैंडलर्स तथा पाकिस्तान आधारित नेटवर्क स्थानीय गैंगस्टरों तक हथियार पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। ये नेटवर्क न केवल हथियारों की सप्लाई कर रहे हैं, बल्कि गैंगवार, रंगदारी और टारगेट किलिंग जैसे अपराधों को भी बढ़ावा दे रहे हैं।
भयावह आंकड़े
तरनतारन सबसे बड़ा हॉटस्पॉट बनकर उभरा है, जहां से 243 हथियार बरामद हुए। अमृतसर शहर से 201, फिरोजपुर से 155 और अमृतसर ग्रामीण से 92 अवैध हथियार, मैगजीन और कारतूस जब्त किए गए। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक सीमावर्ती इलाके तस्करों के लिए सबसे आसान कॉरिडोर बने हुए हैं।
कई बड़े मॉड्यूल हुए बेनकाब
2026 में कई बड़े मॉड्यूल भी बेनकाब हुए। अमृतसर अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बीएसएफ और पंजाब पुलिस के संयुक्त अभियान में 26 अत्याधुनिक हथियार बरामद किए गए, जिनमें एक एके-47 राइफल और 25 विदेशी पिस्तौलें शामिल थीं। अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने सीमा पार हथियार तस्करी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए 8 आरोपितों को गिरफ्तार किया, जिनके कब्जे से 11 आधुनिक पिस्तौल और 8 जिंदा कारतूस मिले।
अफगानी नागरिक भी गिरफ्तार
एक अन्य बड़े मामले में अफगानी नागरिक सहित 7 लोगों को गिरफ्तार कर 10 अत्याधुनिक हथियार, 5 किलो हेरोइन और हवाला की रकम बरामद की गई। जालंधर में काउंटर इंटेलिजेंस ने विदेशी हैंडलर्स से जुड़े 3 गुर्गों को गिरफ्तार कर 3 विदेशी पिस्तौलें बरामद कीं। फाजिल्का के जलालाबाद में 2 तस्करों से 4 विदेशी पिस्तौलें मिलीं, जबकि पटियाला में बिहार आधारित हथियार सप्लाई मॉड्यूल का पर्दाफाश कर 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
ग्लॉक भी पहुंची गैंगस्टरों के हाथ
जांच में सामने आया है कि पंजाब पहुंच रहे हथियारों में अब केवल देसी कट्टे नहीं, बल्कि ऑस्ट्रिया निर्मित ग्लॉक 9 एमएम पिस्तौल, बेरेटा पिस्तौल, चाइनीज .30 बोर हथियार, सब-मशीन गन (एसएमजी) और एके-47 जैसे हाई-ग्रेड वेपन शामिल हैं। ऐसे हथियार गैंगस्टरों की मारक क्षमता कई गुना बढ़ा रहे हैं। डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि गैंगस्टर युवाओं को लालच देकर अपने नेटवर्क में शामिल करते हैं और अवैध हथियार उपलब्ध कराना उनकी रणनीति का अहम हिस्सा है।
मामला अब राष्ट्र की सुरक्षा से जुड़ा
उन्होंने कहा कि सीमा पार तस्करी, अवैध हथियारों की सप्लाई और संगठित अपराध के खिलाफ पंजाब पुलिस जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह अब सिर्फ कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं रह गया, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला बन चुका है। ड्रोन तकनीक, विदेशी फंडिंग और गैंगस्टर नेटवर्क का गठजोड़ पंजाब में अपराध की तस्वीर तेजी से बदल रहा है। आने वाले समय में इस नेटवर्क पर प्रभावी रोक सुरक्षा एजेंसियों के लिए सबसे बड़ी परीक्षा होगी।

















