गत 21 जून को दिल्ली प्रांत में आयोजित संघ शिक्षा वर्ग (सामान्य-महाविद्यालयीन विद्यार्थी एवं तरुण व्यवसायी) का समापन हुआ। ललित महाजन विद्यालय, वसंत विहार, दिल्ली में आयोजित इस वर्ग में 159 शिक्षार्थियों ने 15 दिन तक प्रशिक्षण प्राप्त किया।
समापन समारोह के मुख्य वक्ता और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, उत्तर क्षेत्र के बौद्धिक शिक्षण प्रमुख श्री हरिश्चंद्र ने कहा कि डॉ. हेडगेवार का सार्वजनिक एवं राष्ट्रीय कार्यों का अनुभव अत्यंत व्यापक और विलक्षण था। छात्र जीवन में वे नागपुर से दूर कलकत्ता में एमबीबीएस की शिक्षा प्राप्त करने गए। उनके कलकत्ता जाने का प्रमुख कारण केवल चिकित्सा अध्ययन नहीं था, बल्कि उस समय कलकत्ता भारतीय क्रांतिकारी गतिविधियों का प्रमुख केंद्र भी था।
क्या होता है संघ शिक्षा वर्ग
डॉ. हेडगेवार ने भारत को परम वैभव पर ले जाने के ध्येय से 1925 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की। इस ध्येय को प्राप्त करने की दृष्टि से सुयोग्य कार्यकर्ताओं के निर्माण हेतु संघ शिक्षा वर्गों का आयोजन किया जाता है। संघ शिक्षा वर्ग की शुरुआत 1927 में हुई, फिर कुछ वर्षों बाद इनका नाम ‘अधिकारी शिक्षा वर्ग’ हो गया। बाद में 1950 में इन वर्गों को ‘संघ शिक्षा वर्ग’ के नाम से जाना जाने लगा। 2024 से वर्गों के प्रारूप में परिवर्तन किया गया। अब प्रारंभिक वर्ग 3 दिन, प्राथमिक शिक्षा वर्ग 7 दिन, संघ शिक्षा वर्ग 15 दिन, कार्यकर्ता विकास वर्ग-1 (पूर्व में संघ शिक्षा वर्ग द्वितीय) 20 दिन, कार्यकर्ता विकास वर्ग-2 (पूर्व में संघ शिक्षा वर्ग तृतीय वर्ष) 25 दिन का होगा। संघ शिक्षा वर्ग के दो प्रकार हैं– 18 से 40 वर्ष आयु के सामान्य वर्ग और 41 वर्ष की आयु से ऊपर के लिए विशेष वर्ग।
स्वच्छता के लिए नुक्कड़ नाटक का मंचन
गत दिनों हरियाणा के सिरसा स्थित नेहरू पार्क में स्वच्छता को प्रोत्साहित करने और लोगों को जागरूक करने के लिए एक नुक्कड़ नाटक का मंचन किया गया। इसके माध्यम से स्वच्छता के महत्व, गंदगी से होने वाली हानियों के साथ सूखे-गीले कचरे को अलग-अलग डालने, ‘सिंगल यूज प्लास्टिक’और पोलिथिन से होने वाले नुकसान, पौधारोपण व वृक्ष रक्षण, जल-ऊर्जा संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण आदि के प्रति लोगों को जागरूक किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता योगाचार्य सुरेश तायल ने की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रमेश गोयल ने गंदगी को प्रदूषण का मुख्य कारण बताया। उन्होंने कहा कि प्रदूषण के कारण तापमान बढ़ रहा है, जलवायु परिवर्तन हो रहा है और प्राकृतिक आपदाएं आ रही हैं। इन सबसे बचने के लिए अपने आसपास गंदगी न होने दें। इस अवसर पर अनेक सामाजिक और धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
वहां उन्होंने ‘अनुशीलन समिति’ से जुड़कर स्वतंत्रता आंदोलन की क्रांतिकारी धारा का निकट से अनुभव प्राप्त किया। साथ ही, वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कार्यों से भी जुड़े रहे। संघ का गौरव इसी तथ्य में निहित है कि उसके द्वारा प्रेरित एवं संगठित सज्जन शक्ति समाज-निर्माण और राष्ट्र-निर्माण के विविध कार्यों को संपन्न करती है। समाज की जागृत एवं संगठित शक्ति ही संघ की सबसे बड़ी उपलब्धि और वास्तविक प्रतिष्ठा है।
मुख्य अतिथि डॉ. शैलजा गुप्ता ने कहा कि किसी भी संगठन की शक्ति उसके कार्यकर्ताओं के चरित्र, अनुशासन और राष्ट्रहित के प्रति उनकी निष्ठा में निहित होती है। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के दिल्ली प्रान्त संघचालक डॉ. अनिल अग्रवाल जी एवं इस संघ शिक्षा वर्ग के सर्वाधिकारी डॉ. शशांक जी की भी उपस्थिति रही।















