देश के करोड़ों कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) खाताधारकों के लिए राहत भरी खबर है। सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) की ब्याज दर को 8.25 प्रतिशत पर ही बरकरार रखने का फैसला किया है। इस निर्णय का फायदा देशभर के 7 करोड़ से अधिक EPF सदस्यों को मिलेगा। यह ब्याज सीधे उनके पीएफ खाते में जमा किया जाएगा, जिससे उनकी कुल बचत में बढ़ोतरी होगी।
हालांकि, अभी तक ब्याज जमा होने की आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है, लेकिन विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार जून 2026 के आसपास यह राशि खातों में ट्रांसफर की जा सकती है। ऐसे में कर्मचारियों को घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि ब्याज की गणना पूरे वित्त वर्ष के आधार पर की जाती है और बाद में एक साथ खाते में जोड़ दी जाती है।
कैसे जोड़ा जाता है EPF पर ब्याज?
EPFO हर महीने आपके खाते में मौजूद बैलेंस के आधार पर ब्याज की गणना करता है। लेकिन यह ब्याज हर महीने अलग-अलग दिखाई नहीं देता। वित्त वर्ष समाप्त होने के बाद पूरे साल का ब्याज एक साथ आपके EPF खाते में क्रेडिट किया जाता है। इसलिए अगर ब्याज आने में कुछ समय की देरी भी हो जाए, तो इससे आपको किसी तरह का वित्तीय नुकसान नहीं होता। ब्याज की गणना पहले ही तय नियमों के अनुसार पूरी कर ली जाती है। जब ब्याज आपके खाते में जमा हो जाता है, तो वह स्वतः आपके कुल EPF बैलेंस में जुड़ जाता है। इसके बाद आप अपना अपडेटेड बैलेंस ऑनलाइन या अन्य माध्यमों से आसानी से देख सकते हैं।
घर बैठे ऐसे करें अपना EPF बैलेंस चेक
आज के समय में EPFO ने अपने सदस्यों के लिए कई डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं, जिनकी मदद से बिना किसी कार्यालय गए घर बैठे ही पीएफ बैलेंस देखा जा सकता है।
Passbook Lite के जरिए
यह सबसे आसान और लोकप्रिय तरीका माना जाता है। इसके लिए सबसे पहले EPFO की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। वहां अपने 12 अंकों के यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) और पासवर्ड से लॉगिन करें। OTP वेरिफिकेशन पूरा करने के बाद “View” सेक्शन में जाकर “Passbook Lite” विकल्प चुनें। यहां आपको आपके खाते में जमा राशि, कर्मचारी और नियोक्ता का योगदान तथा ब्याज सहित पूरी जानकारी मिल जाएगी।
EPFO Member Portal
EPFO का मेंबर पोर्टल भी बैलेंस देखने का सुविधाजनक माध्यम है। पोर्टल पर लॉगिन करने के बाद सदस्य अपने खाते से जुड़ी सभी जानकारियां जैसे योगदान, ट्रांजैक्शन हिस्ट्री और बैलेंस देख सकते हैं।
UMANG ऐप
सरकार का UMANG (Unified Mobile Application for New-age Governance) ऐप भी EPF सेवाओं के लिए बेहद उपयोगी है। इस ऐप में लॉगिन करके सदस्य पासबुक, बैलेंस और अन्य EPFO सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। मोबाइल के जरिए कभी भी और कहीं से भी खाते की जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
SMS सेवा
अगर आपके UAN से आधार, बैंक खाता और पैन लिंक है, तो आप SMS के माध्यम से भी अपना बैलेंस जान सकते हैं। इसके लिए EPFO द्वारा निर्धारित फॉर्मेट में संदेश भेजना होता है, जिसके बाद कुछ ही मिनटों में खाते की जानकारी आपके मोबाइल पर प्राप्त हो जाती है।
मिस्ड कॉल सेवा
EPFO की मिस्ड कॉल सुविधा भी काफी लोकप्रिय है। अपने UAN से रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से निर्धारित नंबर पर मिस्ड कॉल देने के बाद कुछ ही सेकंड में आपके मोबाइल पर बैलेंस संबंधी जानकारी SMS के जरिए भेज दी जाती है।
EPF खाता कब हो जाता है निष्क्रिय?
कई कर्मचारियों के मन में यह सवाल रहता है कि अगर नौकरी बदलने या छोड़ने के बाद खाते में योगदान बंद हो जाए तो क्या होगा। EPFO के नियमों के अनुसार यदि किसी EPF खाते में लगातार तीन साल तक कोई नया योगदान नहीं होता है, तो उसे निष्क्रिय (Inoperative) माना जा सकता है। इसके अलावा, स्थायी रूप से नौकरी छोड़ने या रिटायरमेंट के बाद भी खाता निष्क्रिय श्रेणी में आ सकता है। हालांकि, निष्क्रिय खाते से जुड़ी शर्तें समय-समय पर बदलती रहती हैं। इसलिए कर्मचारियों के लिए जरूरी है कि वे अपने खाते की स्थिति और बैलेंस की नियमित जांच करते रहें। यदि नौकरी बदलते हैं तो पुराने UAN को नए संस्थान से लिंक कराकर योगदान जारी रखें, ताकि खाता सक्रिय बना रहे।
समय-समय पर बैलेंस चेक करना क्यों है जरूरी?
EPF केवल एक बचत योजना नहीं, बल्कि कर्मचारियों की भविष्य की आर्थिक सुरक्षा का महत्वपूर्ण आधार है। नियमित रूप से बैलेंस चेक करने से यह सुनिश्चित किया जा सकता है कि नियोक्ता द्वारा हर महीने सही योगदान जमा किया जा रहा है या नहीं। साथ ही ब्याज जुड़ने के बाद कुल बचत की जानकारी भी मिलती रहती है। यदि किसी प्रकार की त्रुटि दिखाई देती है तो समय रहते EPFO से संपर्क कर उसका समाधान कराया जा सकता है।













