अमेरिका में पिछले कुछ समय से अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय और उनके धार्मिक स्थलों को निशाना बनाकर की जा रही नस्लीय व मानसिक नफरत की घटनाओं पर अब अमेरिकी नीति-निर्माताओं ने बेहद कड़ा रुख अपनाना शुरू कर दिया है।
अमेरिका के वरिष्ठ और प्रभावशाली कांग्रेसी (सांसद) सैनफोर्ड बिशप (Sanford Bishop) ने एक हालिया सार्वजनिक कार्यक्रम में हिंदू-विरोधी भावनाओं के खिलाफ वैश्विक स्तर पर एकजुट होने का आह्वान किया है।
उन्होंने गर्व से अपने गृह राज्य जॉर्जिया के ऐतिहासिक कदम को याद करते हुए स्पष्ट किया कि हिंदू समाज के खिलाफ होने वाले किसी भी अन्याय को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उ
नके इस बयान का वहां मौजूद भारतीय-अमेरिकी प्रवासियों और गणमान्य नागरिकों ने खड़े होकर और तालियां बजाकर जोरदार स्वागत किया।
“हमें हिंदू-विरोधी भावना के खिलाफ मजबूती से खड़ा होना होगा”
एक विशेष वैश्विक मंच पर प्रवासी भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए अमेरिकी सांसद सैनफोर्ड बिशप ने वैश्विक स्तर पर बढ़ रहे हिंदूफोबिया (Hinduphobia) और हेट क्राइम पर अपनी गहरी चिंता साझा की। उन्होंने कहा कि हिंदू समुदाय ने अपनी मेहनत और शांतिप्रिय आचरण से अमेरिका के विकास में ऐतिहासिक योगदान दिया है।
“वर्तमान परिदृश्य में अमेरिका के भीतर और बाहर हिंदुओं के खिलाफ नफरत और पूर्वाग्रह के मामले सामने आ रहे हैं, जो बेहद चिंताजनक हैं। हमें इस हिंदू-विरोधी भावना के खिलाफ पूरी ताकत के साथ खड़ा होना होगा। मुझे यह बताते हुए बेहद गर्व महसूस हो रहा है कि मेरा गृह राज्य जॉर्जिया, हिंदू-विरोधी नफरत और कट्टरता की आधिकारिक तौर पर निंदा करने वाला और इसके खिलाफ विधिवत प्रस्ताव (Resolution) पारित करने वाला पहला अमेरिकी राज्य बना है।” – सैनफोर्ड बिशप, अमेरिकी कांग्रेसी
“We must stand against Hinduphobia. My state of Georgia became the first U.S. state to pass a resolution condemning anti-Hindu hate,” says U.S. U.S. Congressman Sanford Bishop to applause from Indian-Americans pic.twitter.com/BbTtUWtDXw
— Shashank Mattoo (@MattooShashank) June 24, 2026
एक नज़र में समझें बिशप के बयान के मुख्य बिंदु और जॉर्जिया का ऐतिहासिक कदम
गूगल डिस्कवर और पाठकों की त्वरित समझ के लिए इस पूरे घटनाक्रम और अमेरिकी राजनीति में इसके प्रभाव को नीचे दी गई तालिका के माध्यम से संक्षेप में समझा जा सकता है-
| बयान देने वाले अमेरिकी नेता | सैनफोर्ड बिशप (सांसद / कांग्रेसी, संयुक्त राज्य अमेरिका) |
| मुख्य मुद्दा (Core Issue) | अमेरिका में हिंदुओं के खिलाफ बढ़ रही नफरत और हिंदूफोबिया। |
| ऐतिहासिक राज्य का दर्जा | जॉर्जिया (Georgia) — हिंदू-विरोधी नफरत की निंदा का आधिकारिक प्रस्ताव पास करने वाला पहला अमेरिकी राज्य। |
| प्रवासी समुदाय की प्रतिक्रिया | भारतीय-अमेरिकियों द्वारा खड़े होकर तालियों की गड़गड़ाहट से बयान का पूर्ण समर्थन। |
जॉर्जिया का यह कदम क्यों है अंतरराष्ट्रीय राजनीति में बेहद खास?
रणनीतिक विश्लेषकों और भारतीय संगठनों के अनुसार, अमेरिकी राजनीति में जॉर्जिया असेंबली द्वारा पास किया गया यह प्रस्ताव एक मील का पत्थर है। अमेरिकी संसद के भीतर और विभिन्न राज्यों में भारतीय प्रवासियों की बढ़ती ताकत का यह सीधा प्रमाण है।
- कट्टरता पर सीधी चोट: इस प्रस्ताव के जरिए अमेरिकी कानूनी व्यवस्था ने माना है कि हिंदू धर्म के खिलाफ होने वाले दुष्प्रचार और हमलों को नस्लीय हेट क्राइम की श्रेणी में रखकर देखा जाना चाहिए।
- भारतीय-अमेरिकी समुदाय की सुरक्षा: सैनफोर्ड बिशप जैसे कद्दावर नेताओं के खुले समर्थन से वहां रह रहे लाखों हिंदू परिवारों, छात्रों और व्यापारियों के भीतर सुरक्षा की भावना सुदृढ़ होगी।
- अन्य राज्यों के लिए नजीर: जॉर्जिया के इस ऐतिहासिक रुख के बाद अब कैलिफोर्निया, न्यू जर्सी और टेक्सास जैसे अन्य बड़े अमेरिकी राज्यों में भी इसी तरह के कानून और निंदा प्रस्ताव लाने के लिए वहां के स्थानीय भारतीय संगठन लॉबिंग तेज कर रहे हैं।
सांसद बिशप के इस साहसिक बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी #AntiHinduHate और #Georgia हैशटैग चले । वैश्विक स्तर पर रह रहे भारतीय मूल के लोग अमेरिकी प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि केवल प्रस्ताव ही नहीं, बल्कि जमीन पर हिंदू मंदिरों पर हमला करने वाले चरमपंथी तत्वों के खिलाफ सख्त पुलिसिया और कानूनी कार्रवाई भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।











