कर्णावती/अहमदाबाद: आम आदमी पार्टी के विधायक चैतर वसावा के खिलाफ साल 2023 में दर्ज पुलिस शिकायत के आधार पर राजपीपला सेशंस कोर्ट ने 7 साल की कैद और 25,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। चैतर वसावा और उनकी पत्नी समेत 9 आरोपियों को कोर्ट ने सजा सुनाई है। इस सजा के साथ ही आप के चैतर वसावा की विधायक पद की सदस्यता भी समाप्त हो गई है। अब वे अगले 6 साल तक चुनाव भी नहीं लड़ पाएंगे।
आम आदमी पार्टी के देडियापाड़ा के विधायक चैतर वसावा के खिलाफ साल 2023 में फॉरेस्ट के कर्मचारियों पर हमला करना, हवा में फायरिंग और फिरौती मांगने के मामलों में शिकायत दर्ज हुई थी। इस गंभीर अपराध के केस में फैसला सुनाते हुए राजपीपला कोर्ट ने चैतर वसावा, उनकी पत्नी समेत 9 आरोपियों को सजा सुनाई है।
आप के विधायक अब बने कैदी
चैतर वसावा को कोर्ट ने 7 साल की सजा सुनाई है, इसलिए अब उनकी विधायक पद की सदस्यता समाप्त हो गई है। गुजरात विधानसभा उपाध्यक्ष पूर्णेश मोदी ने पाञ्चजन्य से बातचीत में बताया कि, The Representation of the People Act 1951 के प्रावधान के अनुसार अगर किसी विधायक को कोर्ट 2 साल से अधिक की सजा सुनाती है तो वह अपने आप विधायक पद से अयोग्य हो जाता है। चैतर वसावा के मामले में 7 साल की सजा सुनाई गई है इसलिए जिस पल कोर्ट ने सजा सुनाई उसी पल से उनकी विधायक पद की सदस्यता खत्म मानी जाएगी।

पूर्णेश मोदी ने बताया कि विधायक को कोर्ट ने जो सजा सुनाई है, उस फैसले की कॉपी अब सरकार का लीगल डिपार्टमेंट विधानसभा अध्यक्ष को भेजेगा और उसके आधार पर अध्यक्ष में विधायक को डिस्क्वॉलिफाई करने का ऑर्डर जारी करेंगे। हालांकि आप के विधायक अब कैदी नंबर 90888 बन गए हैं। वसावा समेत सभी 9 आरोपियों को बड़ौदा सेंट्रल जेल भेजा गया है, जहा अब वसावा कैदी नंबर 90888 से जाने जाएंगे।
ऊपरी अदालत से राहत मिले तो क्या
विधायक को जो सजा सुनाई गई है उसके खिलाफ आम आदमी पार्टी हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक अदालत में जाएगी, ऐसा आप के विधायक गोपाल इटालिया ने मीडिया को बताया। ऐसी स्थिति में अगर विधायक ऊपरी अदालत में जाते हैं तो कोर्ट से उन्हें किस तरह की राहत मिलती है, इसी पर उनकी विधायक पद की सदस्यता वापस मिलने का दारोमदार है। इस बारे में पूर्णेश मोदी ने बताया कि अगर ऊपरी अदालत विधायक को सुनाई गई सजा पर स्टे देती है तभी उनकी विधायक पद की सदस्यता वापस मिल सकती है। इसके अलावा जमानत समेत कोई भी राहत उन्हें विधायक पद वापस नहीं दिला सकती। इसके अलावा नियम के अनुसार अब चैतर वसावा अगले 6 साल तक चुनाव भी नहीं लड़ पाएंगे।
चैतर वसावा ने ऐसे 19 गंभीर अपराध किए हैं: धवल पटेल
प्रदेश भाजपा के सह प्रवक्ता धवल पटेल ने बताया कि आप के विधायक चैतर वसावा का यह पहला अपराध नहीं है। उन्होंने पहले भी ऐसे 19 गंभीर अपराध किए हैं। जो बताता है कि वे आपराधिक मानसिकता रखते हैं। वसावा ने फॉरेस्ट के कर्मचारियों को अपने घर बुलाकर उन पर हमला किया और ऐसा करने की दुष्प्रेरणा उन्हें उनके आका अरविंद केजरीवाल से मिली है।
क्या है पूरा मामला
वर्ष 2023 में फॉरेस्ट विभाग के कर्मचारियों ने वन विभाग की जमीन से अवैध खेती हटाई थी। इस बात को लेकर चैतर वसावा ने उन कर्मचारियों को अपने घर बुलाकर धमकी दी, हवा में फायरिंग की और मारपीट की। इसके दूसरे ही दिन चैतर वसावा के PA और अन्य लोगों ने कर्मचारियों से ₹30,000-₹30,000 यानी कुल ₹60,000 की फिरौती मांगी। फॉरेस्ट कर्मचारियों के पास पैसे न होने पर उन्होंने ATM से पैसे निकालने की कोशिश की। पैसे न निकलने पर उन्होंने अपने उच्च अधिकारी को फोन किया और अधिकारी ने ऑनलाइन ₹30,000-₹30,000 ट्रांसफर किए थे, जो सबूत के तौर पर मिले थे।

















