
हरिद्वार। उत्तराखंड में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ सरकार का सख्त रुख लगातार जारी है। प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा सभी जिलाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी सरकारी भूमि, सड़क किनारे, फुटपाथ एवं सार्वजनिक स्थलों पर किसी भी प्रकार का अवैध अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में तत्काल आवश्यक कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए।
इसी कड़ी में आज हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के कुशल निर्देशन तथा नगर मजिस्ट्रेट हर गिरी के नेतृत्व में एक विशाल अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। इस दौरान टीबड़ी रेलवे अंडर ब्रिज (आंबेडकर चौक) के पास रेलवे की भूमि पर अवैध रूप से बसाई गईं लगभग 40 से 45 झुग्गी-झोपड़ियों को रेलवे प्रशासन, स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम द्वारा पूरी तरह हटा दिया गया।
नगर मजिस्ट्रेट हर गिरी ने इस कार्रवाई के संबंध में आधिकारिक जानकारी देते हुए अवगत कराया कि रेलवे प्रशासन द्वारा अपनी भूमि पर किए गए अतिक्रमण को हटाने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग से सहयोग मांगा गया था। इसके बाद जिलाधिकारी के आदेश पर त्वरित एक्शन लेते हुए यह संयुक्त कार्रवाई सुनिश्चित की गई।
“वर्तमान में संचालित हो रही चारधाम यात्रा, आगामी कांवड़ मेले एवं कुंभ मेले को सुगम और सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए सरकारी भूमि, सड़क किनारे, फुटपाथ एवं सार्वजनिक स्थानों पर किए गए अवैध अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की जा रही है, ताकि यातायात सुचारू रहे और सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद बनी रहे।” – हर गिरी, नगर मजिस्ट्रेट
अवैध अतिक्रमण को पूरी तरह नेस्तनाबूद करने के लिए इस अभियान के दौरान मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल मुस्तैद रहा ताकि कानून व्यवस्था की स्थिति सुदृढ़ बनी रहे। इस बड़े अभियान को सफल बनाने में निम्नलिखित अधिकारियों और तकनीकी टीम की मुख्य भूमिका रही-
| • एस.पी. बलूनी: सीओ सदर (CO Sadar) | • अनूप कुमार: रेलवे डिवीजन इंजीनियर |
| • पंकज शर्मा: रेलवे सेक्शन इंजीनियर | • अनिल गुप्ता: नायब तहसीलदार |
| • रविकांत: स्थानीय पटवारी | • संयुक्त बल: जिला प्रशासन, पुलिस और रेलवे टीम |
प्रशासनिक अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि जनहित और श्रद्धालुओं की सुविधा के मद्देनजर अतिक्रमण के खिलाफ यह अभियान आने वाले दिनों में भी निरंतर जारी रहेगा। किसी भी सार्वजनिक स्थान पर अवैध कब्जा करने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।