
कांग्रेस NEET पेपर लीक को लेकर केवल राजनीति की ही रोटी सेंक रही है। वो छात्रों का भला नहीं सोच सकती है। इन आरोपों को एक बार फिर से उसने सही साबित कर दिया है। इसी को लेकर भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने नीट परीक्षा के ही दिन कर्नाटक के बंगलुरू में कांग्रेस की रैली पर चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि इस रैली की वजह से कुछ छात्र परीक्षा केंद्र पर समय पर नहीं पहुंच पाए और उन्हें एग्जाम देने नहीं दिया गया। त्रिवेदी ने इसे कांग्रेस की प्राथमिकताओं का उदाहरण बताया, जहां राजनीति छात्रों से ऊपर आ जाती है।
मामला कुछ यूं है कि 21 जून 2026 को बेंगलुरु में NEET-UG 2026 का री-एग्जाम हो रहा था। इसी दिन कर्नाटक कांग्रेस के नए प्रदेश अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद ने पलेस ग्राउंड्स में चार्ज संभाला। इस कार्यक्रम की वजह से इलाके में भारी ट्रैफिक जाम हो गया। कुछ छात्रों को परीक्षा केंद्र पहुंचने में देर हो गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कम से कम तीन-चार छात्रों को लेट पहुंचने की वजह से एग्जाम हॉल में एंट्री नहीं मिली। कुछ छात्रों के रोने की वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुईं।
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि मीडिया में जो खबर आई है, वह काफी परेशान करने वाली है। बेंगलुरु में कांग्रेस की रैली की वजह से कई छात्र परीक्षा देने से वंचित रह गए। उन्होंने बताया कि राहुल गांधी ने परीक्षा से महज 72 घंटे पहले कोटा में छात्रों के साथ एक कार्यक्रम किया था, जिसमें उन्होंने विविधता और अन्य मुद्दों पर बात की। वहीं, उनके ही राज्य की सरकार ने रैली का समय कुछ घंटे या मिनट के लिए भी नहीं बदला, ताकि छात्रों को कोई दिक्कत न हो।
त्रिवेदी के अनुसार, इससे साफ है कि कांग्रेस के लिए राजनीति सबसे ऊपर है और छात्रों की चिंता उसमें कम आती है। प्रभावित छात्रों के अभिभावकों ने राहुल गांधी को चिट्ठी भी लिखी है।
इसके साथ ही भाजपा सांसद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र करते हुए बताया कि वे कोलकाता से दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे थे। वहां वे 45 मिनट रुके रहे, ताकि उनकी मूवमेंट से ट्रैफिक प्रभावित न हो और NEET परीक्षा देने वाले छात्रों को कोई परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि पीएम ने छात्रों के लिए यह सुविधा सुनिश्चित की।