समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान की मुश्किलें एक बार फिर से बढ़ने जा रही हैं। उनके मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट को आयकर विभाग ने नोटिस जारी किया है। यह नोटिस लखनऊ स्थित आयकर विभाग की ओर से भेजा गया है। ट्रस्ट को 23 जून को सुबह 11:30 बजे सुनवाई के लिए बुलाया गया है।
पांच साल पुराना है मामला
भाजपा विधायक आकाश सक्सेना ने पांच साल पहले, 16 मार्च 2021 को यह मामला उठाया था। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री के माध्यम से केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) को शिकायत दी थी। शिकायत में जौहर ट्रस्ट और उससे जुड़ी जौहर यूनिवर्सिटी पर अनियमितताओं के आरोप लगाए गए थे।
विधायक का कहना था कि लोगों को डराकर या दबाव डालकर बड़ी रकम जुटाई गई और उसी से यूनिवर्सिटी बनाई गई। कुछ दानकर्ताओं ने 60 करोड़ रुपये तक का दान दिया, लेकिन वे खुद आयकर नहीं भरते थे। आरोप में कुल तीन हजार करोड़ रुपये की राशि यूनिवर्सिटी में लगाए जाने का भी जिक्र था।
ट्रस्ट पर मुख्य आरोप
- ट्रस्ट के पदाधिकारी और सदस्य ज्यादातर आजम खान के परिवार के लोग हैं।
- भाई-भतीजावाद का आरोप।
- भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप।
शिकायत के आधार पर वित्त मंत्रालय के जरिए आयकर विभाग ने जांच शुरू की। सितंबर 2023 में आयकर विभाग की टीम रामपुर पहुंचकर जांच कर चुकी है।
ट्रस्ट को नोटिस में क्या कहा गया
आयकर विभाग लखनऊ ने मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट को नोटिस में स्पष्ट निर्देश दिए हैं। आजम खान खुद या उनके अधिकृत प्रतिनिधि को 23 जून को उपस्थित होकर लिखित जवाब देना है। साथ में सभी संबंधित दस्तावेज और जानकारी जमा करनी होगी। नोटिस में यह भी लिखा है कि अगर ट्रस्ट लिखित रूप में पूरा जवाब पहले ही जमा कर दे तो व्यक्तिगत उपस्थिति की जरूरत नहीं पड़ेगी। ई-फाइलिंग पोर्टल के जरिए भी जवाब दिया जा सकता है।
अहम बात ये है कि इस मामले में सिर्फ आयकर विभाग ही नहीं, बल्कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी पहले आजम खान से पूछताछ कर चुका है। भाजपा विधायक ने ED और राज्य सरकार को भी शिकायत दी थी, जिसके बाद राज्य सरकार ने SIT गठित की थी। ट्रस्ट जौहर यूनिवर्सिटी का संचालन करता है। आजम खान इससे जुड़े रहे हैं। वर्तमान में आयकर विभाग इस शिकायत के आधार पर ट्रस्ट की वित्तीय गतिविधियों की जांच कर रहा है।

















