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इजरायल ने लेबनान पर फिर किए भीषण हमले, 18 की मौत; ईरान-US समझौते में अब आगे क्या होगा?

ईरान और अमेरिका के बीच शांति प्रस्ताव पर सहमति बन गई है और दोनों देशों ने एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर भी कर दिए हैं। लेकिन इस शांति समझौते से इजरायल खुश नहीं है। वहीं, स्विट्जरलैंड में होने वाली अमेरिका-ईरान वार्ता रद्द हो गई है।

Published by
Lalit Fulara

नई दिल्ली। ईरान और अमेरिका के बीच शांति प्रस्ताव पर सहमति बन गई है और दोनों देशों ने एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर भी कर दिए हैं। लेकिन इस शांति समझौते से इजरायल खुश नहीं है। उसने इसे लेकर अपनी असहमति भी दिखा दी है। इजरायल ने दक्षिणी लेबनान पर फिर से हमला किया है। जबकि अमेरिका और ईरान के शांति समझौते में लेबनान पर हर तरह के हमलों को रोकने की बात कही गई है।

इजरायल ने लेबनान में ड्रोन से किए हमले, 18 लोगों की मौत
लेबनान में इजरायली सेना की कार्रवाई के बाद पश्चिम एशिया में तनाव फिर भड़कने की आशंका जताई जा रही है। इजरायली सेना ने रात भर दक्षिणी लेबनान में कई ठिकानों पर हमले किए हैं। दूसरी तरफ, इजरायल के हमलों का हिज्बुल्लाह ने भी पलटवार करते हुए जवाब दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दक्षिणी लेबनान में इजरायली हमले में एक और व्यक्ति की मौत के बाद मरने वाले लोगों की संख्या 18 पहुंच हो गई है।

मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि इजरायल लेबनान में ड्रोन से हमले कर रहा है। लेबनान के सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, आधी रात के बाद हमलों में 33 अन्य लोग घायल भी हुए हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि इजरायल  और लेबनान में हिज्बुल्लाह के बीच ताजा संघर्ष में चार अमेरिकी सैनिक भी मारे गए हैं। इजरायली सेना का भी कहना है कि दक्षिणी लेबनान में लड़ाई तेज हो गई है। दूसरी तरफ, ईरान कह रहा है कि दक्षिणी लेबनान पर इजरायल के हमले बंद होने के साथ कब्जा भी खत्म होना चाहिए। इजरायल पहले ही कह चुका है कि दक्षिण लेबनान में हमले जारी रहेंगे और हिज्बुल्लाह के खात्म तक यह संघर्ष चलेगा।

स्विट्जरलैंड में होने वाली ईरान-अमेरिका वार्ता रद्द
वहीं, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को इजरायल का एकमात्र ताकतवर सहयोगी बताया है। इसके साथ ही उन्होंने इजराइल के कुछ कैबिनेट मंत्रियों पर समझौते को लेकर अति-प्रतिक्रिया देने का आरोप भी लगाया। फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरोट ने भी इजरायल को लेबनान में अपनी सैन्य कार्रवाई रोकने की सलाह दी है। उनका कहना है कि इसके लिए अमेरिका को इजरायल पर दबाव डालना चाहिए। स्विस विदेश मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, स्विट्जरलैंड के बर्गनस्टॉक माउंटेनटॉप रिजॉर्ट में शुक्रवार को अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली बातचीत अब नहीं होगी। यह घोषणा व्हाइट हाउस के एक प्रवक्ता के उस बयान के बाद आई है जिसमें कहा गया था कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में ईरानी वार्ताकारों से मिलने की अपनी योजना रद्द कर दी है।

 

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