अमेरिका-ईरान शांति समझौते में क्या-क्या? 8 बिंदुओं में समझिए दोनों देशों के बीच लागू 'एग्रीमेंट'
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अमेरिका-ईरान शांति समझौते में क्या-क्या? 8 बिंदुओं में समझिए दोनों देशों के बीच लागू ‘एग्रीमेंट’

अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम बढ़ाने के समझौते पर हस्ताक्षर हो गए हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस समझौते पर साइन कर दिए हैं।

Written byLalit FularaLalit Fulara
Jun 18, 2026, 01:41 pm IST
inविश्व

नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम बढ़ाने के समझौते पर हस्ताक्षर हो गए हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस समझौते पर साइन कर दिए हैं। फ्रांस के एवियन-ले-बैंस में जी-7 शिखर सम्मेलन में शामिल होने के दौरान ट्रंप ने इस शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए। ट्रंप प्रशासन ने इस शांति समझौते को प्रदर्शन आधारित बताया है। इसका मतलब साफ है कि जब ईरान सभी प्रतिबद्धताओं का पालन करेगा तभी उसे इस समझौते का फायदा मिलेगा। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ईरान का मूल्यांकन उसके काम से होने की बात कह चुके हैं। उनका कहना है कि अमेरिका ईरान की सारी गतिविधियों पर नजर रखेगा। आइए दोनों देशों के बीच हुए इस एग्रीमेंट के 8 अहम बिंदुओं को जानते हैं।

#1.सैन्य अभियान फौरन खत्म करने की घोषणा
समझौते में अमेरिका, ईरान और उनके सहयोगियों के हर मोर्चे पर सैन्य अभियान तुरंत और स्थायी रूप से खत्म करने की घोषणा की गई है। जिसमें लेबनान भी शामिल है। ईरान का कहना है कि अगर इजरायल लेबनान में सैन्य अभियान जारी रखता है तो यह समझौते का उल्लंघन होगा। हालांकि अभी तक इजरायल लेबनान पर सैन्य कार्रवाई न करने की बात से सहमत नहीं हुआ है।

#2. ईरानी बंदरगाहों से अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी हटाना
ट्रंप ने बुधवार रात फ्रांस के वर्साय पैलेस में जी-7 सम्मेलन के बाद आयोजित रात्रिभोज के दौरान इस दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए हैं। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने भी इस पर साइन किए हैं। इससे पहले इस सप्ताह के अंत में जिनेवा में औपचारिक हस्ताक्षर समारोह होने की बात कही गई थी। लेकिन अब यह होगा या नहीं इसे लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। इस समझौते में हस्ताक्षर के बाद अब अमेरिका ईरानी बंदरगाहों से अपनी नौसैनिक नाकेबंदी हटाना शुरू करेगा। यह इस समझौते के चौथे बिंदु की शर्त थी।  ईरान के विदेश मंत्रालय के अनुसार, 30 दिनों के भीतर अमेरिकी नाकाबंदी पूरी तरह खत्म हो जाएगी।

#3. होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित गुजरे व्यापारिक जहाज…
इस समझौते पर हस्ताक्षर के साथ ही अब ईरान पूरी कोशिश करेगा कि होर्मुज स्ट्रेट से व्यापारिक जहाज सुरक्षित निकलें और उन पर कोई टैक्स न लगे। दस्तावेज में कहा गया है कि तकनीकी और सैन्य बाधाओं को हटाने और बारूदी सुरंगें साफ करने के काम को ध्यान में रखते हुए जहाजों की आवाजाही फौरन शुरू होगी। ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने भी अमेरिका से डील साइन होने के बाद कह दिया है कि भले अमेरिका के साथ हुए समझौते के अनुसार 60 दिन तक कोई टोल नहीं लिया जाएगा, लेकिन उसके बाद हॉर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से ईरान टोल वसूलेगा।

इसे भी पढ़ें-शांति समझौते पर हस्ताक्षर के बाद बोले उपराष्ट्रपति जेडी वेंस- US रखेगा ईरान की गतिविधियों पर पैनी नजर…

#4. ईरान के पुनर्निर्माण के लिए धन
 इस शांति समझौते के छठे बिंदु में कहा गया है कि अमेरिका और उसके क्षेत्रीय साझेदार ईरान के पुनर्निर्माण और आर्थिक विकास के लिए कम से कम 300 अरब डॉलर की योजना तैयार करेंगे। ट्रंप पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि अमेरिका सीधे ईरान को  एक भी पैसा नहीं देगा।

#5. ईरान पर लगे सभी आर्थिक प्रतिबंध समाप्त
इस शांति समझौते में कहा गया है कि अमेरिका ईरान पर लगे सभी आर्थिक प्रतिबंध समाप्त करेगा। इन आर्थिक प्रतिबंधों को समाप्त करने की समयसीमा अभी स्पष्ट नहीं है। दस्तावेज में कहा गया है कि अंतिम समझौते के तहत इसका कार्यक्रम तय किया जाएगा। माना जा रहा है कि अमेरिका इन आर्थिक प्रतिबंधों को धीरे-धीरे समाप्त करेगा।

#6. ईरान नहीं बनाएगा परमाणु हथियार
इस शांति समझौते के तहत ईरान ने सहमति दी है कि वह परमाणु हथियार नहीं खरीदेगा और न ही बनाएगा। ईरान के पास पहले से मौजूद संवर्धित यूरेनियम का समाधान किया जाएगा। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि ईरान के पास पहले से जो संवर्धित यूरेनियम है उसका क्या होगा? अगर उसे ईरान नष्ट करेगा तो कैसे करेगा? एग्रीमेंट के दस्तावेज में कहा गया है कि इसकी व्यवस्था पर आगे की बातचीत में सहमति बनेगी।

#7. ईरान की फ्रीज संपत्तियां रिलीज
इस शांति समझौते के दस्तावेज के 11वें बिंदु में कहा गया है कि एमओयू पर हस्ताक्षर होने के बाद अमेरिका, ईरान की फ्रीज संपत्तियों को रिलीज करेगा। यानी ईरान का प्रतिबंधित फंड पूरा रिलीज किया जाएगा। हालांकि अमेरिका कह चुका है कि ऐसा तब किया जाएगा जब ईरान शांति समझौते की शर्तों का पालन करेगा।

#8. अंतिम समझौते के लिए बातचीत अभी बाकी
इस शांति समझौते के दस्तावेज के अंतिम बिंदुओं में बताया गया है कि यह समझौता कैसे लागू होगा। जिसमें बताया गया है कि अमेरिका और ईरान एमओयू के पालन और भविष्य के अंतिम समझौते की निगरानी के लिए एक व्यवस्था बनाएंगे। समझौते पर हस्ताक्षर के बाद अब यह लागू होना शुरू हो जाएगा और इसके बाद दोनों देशों के बीच अंतिम समझौता बातचीत होगी। इस समझौते पर हस्ताक्षर के बाद 60 दिनों तक दोनों देशों के बीच युद्ध रुक गया है।

Topics: Iran nuclear deal updateUS monitoring Iran activitiesDonald Trump Iran dealdonald trumpJD Vance on Iran agreementIran nuclear programMiddle East peace agreementUS Iran relationsUS-Iran peace agreement signedUS Iran DealUS Iran Ceasefire AgreementAmerica-Iran peace dealUS-Iran agreement detailsIran-US diplomatic agreement
Lalit Fulara
Lalit Fulara
उत्तराखंड के अल्मोड़ा ज़िले के सुदूर स्थित छोटे से गाँव 'पटास' में पैदाइश. कला-साहित्य में विशेष रुचि. पहला नॉवेल 'घासी: लाल कैंपस का भगवाधारी' प्रकाशित. विगत 12 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय. करियर की शुरुआत दैनिक भास्कर से हुई और उसके बाद ज़ी न्यूज़, न्यूज़18, राजस्थान पत्रिका, अमर उजाला और इंडियाडॉटकॉम होते हुए वर्तमान में पांचजन्य डिजिटल में असिस्टेंट एडिटर के तौर पर कार्यरत. पत्रकारिता में एम.ए माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय के नोएडा कैंपस से किया है. [Read more]
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