ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि, शुक्रवार, 19 जून का दिन वैदिक ज्योतिष की दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। इस दिन सूर्य एवं बुध मिथुन राशि में स्थित हैं, जबकि चंद्रमा, गुरु और शुक्र कर्क राशि में विराजमान होकर भावनात्मक संवेदनशीलता, पारिवारिक सुख तथा आध्यात्मिक उन्नति के संकेत दे रहे हैं। आश्लेषा नक्षत्र और हर्षण योग के प्रभाव से दिन में कार्यों में सफलता एवं उत्साह की संभावना बनी रहेगी। वर्षा ऋतु के इस दिन दिशाशूल पश्चिम दिशा में रहेगा, अतः यात्रा करते समय उचित सावधानी एवं शास्त्रीय उपायों का ध्यान रखना लाभकारी होगा। आइए, जानते हैं 19 जून 2026 के दिन की विस्तृत तिथि, नक्षत्र, योग, करण, ग्रह स्थिति एवं शुभ-अशुभ समय।
19 जून 2026 को सूर्योदय के समय की ग्रह स्थिति
ग्रह स्थिति
- सूर्य मिथुन में
- चंद्र कर्क में
- मंगल मेष में
- बुध मिथुन में
- गुरु कर्क में
- शुक्र कर्क में
- शनि मीन में
- राहु कुंभ में
- केतु सिंह में
- लग्नारंभ समय
- मिथुन 05.00 बजे से
- कर्क 07.17 बजे से
- सिंह 09.33 बजे से
- कन्या 11.45 बजे से
- तुला 13.56 बजे से
- वृश्चिक 16.10 बजे से
- धनु 18.26 बजे से
- मकर 20.31 बजे से
- कुंभ 22.18 बजे से
- मीन 23.51 बजेे से
- मेष 01.21 बजे से
- वृष 03.01 बजे से
- शुक्रवार 2026 वर्ष का 170 वां दिन
- दिशाशूल पश्चिम ऋतु वर्षा।
- विक्रम संवत् 2083 शक संवत् 1948
- मास ज्येष्ठ पक्ष शुक्ल
- तिथि पंचमी 17.00 बजे को समाप्त।
- नक्षत्र आश्लेषा 10.07 बजे को समाप्त।
- योग हर्षण 14.54 बजे को समाप्त।
- करण बव 05.54 बजे, बालव 17.00 बजे तदनन्तर कौलव 04.18 बजे रात्र को समाप्त।
- चन्द्रायु 3.9 घण्टे
- रवि क्रान्ति उत्तर 230 25Ó
- सूर्य उत्तरायन













