निर्मलं हि मनो यस्य स जनः सर्वतः शुचिः।
समलं हि मनो यस्य स स्नातोऽपि न शुध्यति।।
हिन्दी अर्थ-
जिसका मन पवित्र है, वह सब तरह से पवित्र है। जिसका मन अशुद्ध है, वह स्नान किया हुआ भी पवित्र नहीं होता है।
जिसका मन पवित्र है, वह सब तरह से पवित्र है। जिसका मन अशुद्ध है, वह स्नान किया हुआ भी पवित्र नहीं होता है।
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