सरकार का बड़ा फैसला: अब बिना डॉक्टर के पर्चे के नहीं मिलेगा 'कफ सिरप'
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सरकार का बड़ा फैसला: अब बिना डॉक्टर के पर्चे के नहीं मिलेगा ‘कफ सिरप’

अब बिना डॉक्टर के पर्चे के मेडिकल स्टोर से आप कफ सिरप नहीं खरीद पाएंगे। सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए कफ सिरप खरीदने को लेकर नई नियम लागू कर दिए हैं।

Written byLalit FularaLalit Fulara
Jun 16, 2026, 02:26 pm IST
inभारत, स्वास्थ्य

नई दिल्ली: अब बिना डॉक्टर के पर्चे के मेडिकल स्टोर से आप कफ सिरप नहीं खरीद पाएंगे। सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए कफ सिरप खरीदने को लेकर नई नियम लागू कर दिए हैं। मंगलवार को केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने इसे लेकर एक नोटिफिकेशन जारी किया है। जिसमें कहा गया है कि अब  कफ सिरप समेत अन्य सिरप वाली दवाएं बिना डॉक्टर की पर्ची के नहीं मिलेंगी। ऐसी दवाएं और कफ सिरप खरीदने के लिए हर किसी के लिए डॉक्टर का प्रिस्क्रिप्शन जरूरी होगा।

सरकार ने ‘ड्रग्स रूल्स 1945’ में बदलाव करके नया नियम लागू किया है। इस संशोधन को 9 जून को सरकारी गजट में नोटिफाई किया गया था। इसके तहत ‘शेड्यूल-के’ में छूट वाली दवाओं की सूची से सिरप को हटा दिया गया है। ‘शेड्यूल के’ में ऐसी दवाएं आती हैं जिन्हें बनाने और बेचने से जुड़े कुछ नियमों से छूट मिली होती है। अब नये नियम से सिरप-बेस्ड दवाओं की ‘ओवर-द-काउंटर’ यानी बिना डॉक्टर की पर्ची के बिक्री पर रोक लग गई है।

इसके साथ ही अब बिना डॉक्टर के पर्चे खांसी की दवाओं को बेचने पर रोक लगा दी गई है। आपत्तियों और सुझावों की समीक्षा करने के बाद केंद्र सरकार ने ड्रग्स टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड (DTAB) से सलाह-मशविरा करके इस बदलाव को मंजूरी दी। गौरतलब है कि पिछले साल अक्तूबर में मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा और राजस्थान में कफ सिरप पीने से बच्चों के मौत का मामला सामने आया था। खांसी की दवा पीने से कई बच्चों के किडनी फेलियर से मौत हो गई थी। इसके बाद कफ सिरप की खुलेआम बिक्री पर रोक लगाने की मांग तेज हो गई थी।

छोटे गांवों में कफ सिरप की बिक्री पर दी गई छूट ली वापस
मंत्रालय ने ड्रग्स रूल्स, 1945 में बदलाव करते हुए छोटे गांवों में कफ सिरप की बिक्री पर दी गई छूट वापस ले ली है। अब छोटे गांवों में भी बिना लाइसेंस के कफ सिरप नहीं बेचा जा सकेगा। पहले 1,000 से कम आबादी वाले गांवों में कफ सिरप की बिक्री के लिए कुछ लाइसेंस संबंधी प्रावधानों से छूट प्राप्त थी। अब नियमों में संशोधन कर “सिरप” शब्द को संबंधित प्रविष्टि से हटा दिया गया है। इस बदलाव के बाद छोटे गांवों में कफ सिरप की बिक्री और वितरण केवल विधिवत लाइसेंस प्राप्त मेडिकल स्टोर या फार्मेसी के माध्यम से ही किया जा सकेगा। बिना लाइसेंस के कफ सिरप बेचना अब नियमों के तहत मान्य नहीं होगा।

सरकार के इस फैसले के बाद अब लोग बिना डॉक्टरी सलाह के कफ सिरप खरीदने से बचेंगे। कोई भी अगर कफ सिरप खरीदता है तो उसके लिए उसे डॉक्टरी पर्चे की आवश्यकता होगी। इस फैसले से कफ सिरप का सही और सुरक्षित इस्तेमाल बढ़ेगा।

Topics: Prescription mandatory for cough syrupCough syrup sale restrictionsGovernment notification on cough syrupNew rules for cough syrup purchaseIndia cough syrup regulationsCough syrup prescription rule
Lalit Fulara
Lalit Fulara
उत्तराखंड के अल्मोड़ा ज़िले के सुदूर स्थित छोटे से गाँव 'पटास' में पैदाइश. कला-साहित्य में विशेष रुचि. पहला नॉवेल 'घासी: लाल कैंपस का भगवाधारी' प्रकाशित. विगत 12 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय. करियर की शुरुआत दैनिक भास्कर से हुई और उसके बाद ज़ी न्यूज़, न्यूज़18, राजस्थान पत्रिका, अमर उजाला और इंडियाडॉटकॉम होते हुए वर्तमान में पांचजन्य डिजिटल में असिस्टेंट एडिटर के तौर पर कार्यरत. पत्रकारिता में एम.ए माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय के नोएडा कैंपस से किया है. [Read more]
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