भारत में E20 फ्यूल, यानी 20% एथनॉल वाला पेट्रोल, तेजी से बढ़ रहा है। सरकार इसे बढ़ावा दे रही है ताकि आयात कम हो और पर्यावरण को फायदा हो। लेकिन कई गाड़ी मालिकों के मन में बीमा क्लेम को लेकर कन्फ्यूजन फैल गया था। खासकर पुरानी गाड़ियों में E20 इस्तेमाल करने पर क्लेम रिजेक्ट होने की अफवाहें सोशल मीडिया पर घूम रही थीं। ICICI लोम्बार्ड, देश की बड़ी इंश्योरेंस कंपनियों में से एक, ने अब आधिकारिक तौर पर सब कुछ क्लियर कर दिया है। सरकारी फैक्ट चेक एजेंसी PIB Fsct check ने भी इन दावों को झूठा करार दिया है।
क्या है पूरा मामला?
मामला कुछ यूं है कि कुछ दिन पहले ICICI Lombard के एक ब्लॉग पोस्ट में लिखा गया था कि अगर आपकी गाड़ी E20 के लिए नहीं बनी है और उसमें यह फ्यूल डालने से नुकसान होता है, तो इसे इंप्रॉपर यूज या नेग्लिजेंस माना जा सकता है। ऐसे में क्लेम रिजेक्ट होने की संभावना है। इस बात ने लोगों में चर्चा मचा दी। खासकर पुरानी गाड़ियों वाले मालिक चिंतित हो गए कि कहीं उनका इंश्योरेंस कवरेज प्रभावित न हो जाए। ये न्यूज सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गई।
Some social media posts are claiming that using E20 fuel could lead to rejection of vehicle insurance claims.#PIBFactCheck
❌ This claim is #FAKE
✅ Motor insurance policies remain valid with the use of E20 fuel.
🔎 Always verify such claims through official sources before… pic.twitter.com/XufhIQ7xI2
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) June 16, 2026
ICICI Lombard का आधिकारिक बयान
अब कंपनी ने ट्विटर (X) पर भी पोस्ट किया और स्पष्ट कहा, “ICICI Lombard जनरल इंस्योरेंस दोबारा पुष्टि करती है कि E20 फ्यूल इस्तेमाल करने से मोटर इंश्योरेंस पॉलिसी पूरी तरह वैलिड रहती है। हम पुरानी गाड़ियों में E20 इस्तेमाल को नेग्लिजेंस नहीं मानते। हम E20 प्रोग्राम को पर्यावरण के लिए सकारात्मक कदम मानते हैं।”
कंपनी ने आगे बताया कि उनकी पॉलिसी एक्सीडेंटल डैमेज, चोरी, ओनर-ड्राइवर और पैसेंजर के लिए पर्सनल एक्सीडेंट कवर, और थर्ड पार्टी लायबिलिटी को कवर करती है – जो भी कवर आपने चुना हो।
क्लेम कैसे चेक होते हैं?
ICICI Lombard ने साफ किया कि क्लेम की मंजूरी इंश्योर्ड इवेंट पर निर्भर करती है, जैसे:
- गाड़ी का एक्सीडेंट
- चोरी
- थर्ड पार्टी को नुकसान
- पर्सनल एक्सीडेंट (अगर कवर लिया हो)
फ्यूल का टाइप
पेट्रोल, डीजल, CNG या E20 क्लेम तय करने में कोई भूमिका नहीं अदा करता है। अगर कोई क्लेम नॉर्मल फ्यूल पर मंजूर होता, तो E20 पर भी उसी तरह मंजूर होगा। कंपनी सिर्फ ईंधन इस्तेमाल के आधार पर क्लेम रिजेक्ट नहीं करती।
क्यों जरूरी है यह जानकारी?
E20 को बढ़ावा देने के साथ-साथ कई लोग सोच रहे थे कि पुरानी गाड़ियों में इसका इस्तेमाल करने से बीमा कवरेज खत्म हो जाएगा या क्लेम में दिक्कत आएगी। ICICI Lombard का यह बयान उन सारे डरों को दूर करता है। कंपनी ने जोर देकर कहा कि E20 इस्तेमाल से पॉलिसी अमान्य नहीं होती और न ही इसे नेग्लिजेंस माना जाता है।

















