हरिद्वार। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS), उत्तराखंड प्रांत का १५ दिवसीय ‘संघ शिक्षा वर्ग (विद्यार्थी)’ भेल (BHEL) सेक्टर-2 स्थित सरस्वती विद्या मंदिर में हर्षोल्लास और पूर्ण सांगठनिक अनुशासन के साथ संपन्न हो गया। इस भव्य समापन समारोह में देश के प्रतिष्ठित सैन्य अधिकारी, प्रबुद्ध उद्यमी और संघ के वरिष्ठ प्रचारकों ने स्वयंसेवकों का मार्गदर्शन किया।
समारोह के मुख्य अतिथि भारतीय सेना के पूर्व सैन्य कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल अजय कुमार सिंह रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रसिद्ध उद्यमी संदीप जैन उपस्थित रहे। मुख्य वक्ता के नाते राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के उत्तराखंड प्रांत प्रचारक डॉ. शैलेन्द्र का ओजस्वी पाथेय प्राप्त हुआ।
“सांस्कृतिक विरासत से जुड़कर ही भारत रहेगा विश्व गुरु” : ले. जनरल अजय कुमार सिंह
स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि ले. जनरल अजय कुमार सिंह ने देश की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा चुनौतियों पर खुलकर बात की। उन्होंने राष्ट्र की सुरक्षा के लिए प्रत्येक नागरिक में अनुशासन और समर्पण को अनिवार्य बताया।
“आज हमारे राष्ट्र को केवल बाहरी सीमाओं पर बैठी ताकतों से ही खतरा नहीं है, बल्कि देश के अंदर छिपे बैठे राष्ट्रद्रोहियों से भी उतना ही बड़ा खतरा है। ऐसी विषम परिस्थितियों में हमें हर चुनौती का डटकर सामना करने के लिए हमेशा तैयार रहना होगा। अनुशासन के बिना जीवन और राष्ट्र में कुछ भी हासिल नहीं किया जा सकता। आज के इस दौर में अपनी महान सांस्कृतिक विरासत को संभाल कर रखने के साथ-साथ जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में ‘राष्ट्र प्रथम’ (Nation First) का भाव होना अत्यंत आवश्यक है। भारत कल भी विश्व गुरु था, आज भी है और हमेशा रहेगा, बशर्ते हम अपनी सांस्कृतिक जड़ों को पहचानें और उन्हें अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।”
– ले. जनरल अजय कुमार सिंह
इसी क्रम में विशिष्ट अतिथि और उद्यमी संदीप जैन ने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि जब राष्ट्र का सर्वांगीण निर्माण होता है, तभी समाज के प्रत्येक घटक का निर्माण संभव है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ निरंतर इसी पुनीत कार्य में लगा है कि कैसे प्रत्येक भारतीय के भीतर राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीयता की भावना को कूट-कूट कर भरा जाए।

शारीरिक और बौद्धिक सत्र: आंकड़ों में समझिए संघ शिक्षा वर्ग
वर्ग के सर्वव्यवस्था प्रमुख वीर प्रताप ने समापन समारोह में प्रतिवेदन (रिपोर्ट) प्रस्तुत किया। उन्होंने वर्ग के कड़े आवासीय प्रशिक्षण और विधाओं से जुड़े निम्नलिखित प्रामाणिक आंकड़े साझा किए:
| प्रशिक्षण वर्ग का आयाम | सांख्यिकीय विवरण / घंटे |
|---|---|
| कुल प्रतिभागी शिक्षार्थी | 306 स्वयंसेवक विद्यार्थी |
| भौगोलिक प्रतिनिधित्व | उत्तराखंड के सभी 13 जिलों से सहभागिता |
| शारीरिक प्रशिक्षण (Physical Training) | कुल 40 घंटे |
| बौद्धिक सत्र (Intellectual Sessions) | कुल 60 घंटे |
| बौद्धिक विमर्श के मुख्य विषय | संघ का इतिहास, भारतीय संस्कृति, वर्तमान चुनौतियां और पंच परिवर्तन |
समारोह के दौरान शिक्षार्थियों ने अपनी १५ दिनों की कठोर साधना का परिचय देते हुए मैदान पर दंड युद्ध, नियुद्ध (मार्शल आर्ट), योगासन, सूर्य नमस्कार और सामूहिक समता (कदमताल) का अत्यंत प्रभावशाली और अनुशासित प्रदर्शन किया।
‘पंच परिवर्तन’ से ही भारत को मिलेगा परम वैभव: डॉ. शैलेन्द्र
मुख्य वक्ता और प्रांत प्रचारक डॉ. शैलेन्द्र ने संघ शिक्षा वर्ग को व्यक्ति निर्माण की अनूठी कार्यशाला बताया। उन्होंने कहा कि २० दिनों की अत्यंत कठोर दिनचर्या, शारीरिक सौष्ठव और बौद्धिक मंथन के बाद यहाँ से निकलने वाला स्वयंसेवक समाज और देश के कार्यों के लिए पूरी तरह समर्पित हो जाता है। उन्होंने समाज सुधार के लिए संघ के शताब्दी वर्ष के ‘पंच परिवर्तन’ के आयामों को विस्तार से रखा:
- 1. सामाजिक समरसता: छुआछूत, ऊंच-नीच और जातिगत भेदभाव से पूरी तरह मुक्त समरस समाज का निर्माण करना होगा। बाहरी प्रगति तभी सार्थक है जब समाज भीतर से एकजुट हो।
- 2. कुटुंब प्रबोधन: प्रत्येक घर में बच्चों को उच्च नैतिक संस्कार देना और परिवार के भीतर आपसी संवाद व स्नेह की परंपरा को जीवित रखना आवश्यक है।
- 3. पर्यावरण संरक्षण: प्रकृति के प्रति हर नागरिक को संवेदनशील होना होगा, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए जल, जंगल और वायु को शुद्ध रखा जा सके।
- 4. स्व का बोध: अपनी गौरवशाली भाषाई, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक जड़ों पर गर्व की अनुभूति करना।
- 5. नागरिक कर्तव्य: अधिकारों के साथ-साथ राष्ट्र के प्रति अपने संवैधानिक और सामाजिक कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करना।
प्रांत प्रचारक ने स्वयंसेवकों के सामने देश की वर्तमान वैश्विक उपलब्धियों (जैसे जी-20 की सफल अध्यक्षता, चंद्रयान की ऐतिहासिक सफलता और तेजी से बढ़ती आर्थिक प्रगति) का भी जिक्र किया। उन्होंने वर्ग से दीक्षित होकर निकल रहे सभी शिक्षार्थियों का आह्वान किया कि वे अपने-अपने गाँवों या मोहल्लों में जाकर स्वच्छता, शिक्षा या स्वास्थ्य में से किसी एक सामाजिक कार्य की प्रत्यक्ष जिम्मेदारी उठाएं और समाज परिवर्तन के वाहक बनें।
प्रतिष्ठित जनों की उपस्थिति
समारोह के मंच पर जिला संघचालक डॉ. यतींद्र नाग्यान तथा वर्गाधिकारी प्रवीण कुमार भी गरिमामय रूप से उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त, इस समापन अवसर पर संघ के प्रांत सह प्रचारक चंद्रशेखर जी, विभाग पालक सुनील जी, विभाग प्रचारक राकेश जी सहित भारी संख्या में हरिद्वार के प्रबुद्ध नागरिक, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, उद्योगपति और भेल प्रबंधन के अधिकारी उपस्थित रहे, जिन्होंने स्वयंसेवकों का उत्साहवर्धन किया।













