खाड़ी में अमेरिका ईरान की जंग के बीच अमेरिका खाड़ी में प्रवेश करने वाले जहाजों को निशाना बना रहा है। अब तक तीन जहाजों पर हमले हो चुके हैं। इसी क्रम में सोशल मीडिया पर लगातार सरकार को बदनाम करने के लिए फेक खबरें प्रसारित की जा रही हैं, जिनमें ये दावा किया जा रहा है कि खाड़ी में अमेरिका ने चौथे भारतीय जहाज पर भी हमला कर दिया है। इन खबरों का विदेश मंत्रालय (MEA) ने आज खंडन किया है। इन खबरों में दावा किया जा रहा था कि स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज के पास एक और जहाज पर हमला हुआ है जिसमें भारतीय क्रू मेंबर्स थे। मंत्रालय ने कहा कि उन्होंने जहाज के मास्टर से सीधे बात की है और सभी क्रू सदस्य सुरक्षित हैं।
पीआईबी फैक्ट चेक में भी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में चौथे जहाज, जिस पर भारतीय क्रू सवार थे, हमले की खबर को फेक न्यूज करार दिया है।
Fake News Alert!
Please stay alert against such false and baseless claims and posts on social media. pic.twitter.com/Xn8I65LdKu
— MEA FactCheck (@MEAFactCheck) June 13, 2026
जहाज का नाम और स्थिति
जहाज का नाम लियाकी फ्रीडम है। यह ऑयल और केमिकल टैंकर है, मार्शल आइलैंड्स के झंडे के तहत चल रहा है और ओमान की ओर जा रहा था। MEA के प्रवक्ता ने ANI को बताया, “हमने लियाकी फ्रीडम के कैप्टन से बात की है। उन्होंने पुष्टि की कि सभी क्रू सदस्य सुरक्षित हैं और जो खबरें आ रही हैं वे पूरी तरह गलत हैं।”
फॉरवर्ड सीमेन्स यूनियन ऑफ़ इंडिया (FSUI) ने भी हमले की खबर को खारिज किया। यूनियन ने एक क्लिप शेयर की जिसमें उनके अधिकारी ने जहाज के क्रू मेंबर से पूछा, “सर, आपके साथ क्या हुआ? सब ठीक है?” जवाब मिला, “आल ओके, आल ओके। नेगेटिव, कोई गोलीबारी नहीं है।” पहले यूनियन ने पोस्ट किया था कि जहाज जवाब नहीं दे रहा था, लेकिन बाद में सब साफ़ हो गया।
पिछले तीन जहाजों की घटनाएं
इस फॉल्स अलार्म के बीच पिछले दिनों में तीन जहाजों पर हमले हो चुके हैं, जिनमें भारतीय क्रू थे:
- 8 जून से शुरू हुए इन हमलों में दूसरे जहाज (10 जून) पर तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई।
- तीसरा जहाज अगले दिन यानी 11 जून को टारगेट किया गया।
अमेरिकी सेना का कहना है कि ये जहाज ईरान पर लगाए गए उनके नौसैनिक ब्लॉकेड को तोड़ने की कोशिश कर रहे थे। ये ब्लॉकेड अप्रैल 13 से लागू है।
क्या है पूरा मामला
ईरान ने मार्च की शुरुआत में स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज को प्रभावी रूप से बंद कर दिया था। ये अमेरिका-इजराइल के 28 फरवरी के हमलों के जवाब में हुआ, जिसके बाद मध्य पूर्व में तनाव बढ़ गया। दुनिया का करीब 20% कच्चा तेल इसी रास्ते से गुजरता है, इसलिए ये इलाका बहुत महत्वपूर्ण है। फिलहाल, लियाकी फ्रीडम पर हमले की खबर गलत साबित हुई है, लेकिन क्षेत्र में तनाव अभी भी जारी है। भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर सरकार सक्रिय रूप से काम कर रही है।















