खाड़ी में चल रहे युद्ध के बीच ईरान ने एलन मस्क की कंपनियों को खुली चेतावनी दी है। उसने धमकी दी है कि मिडिल ईस्ट में स्टारलिंक, X और मस्क की अन्य कंपनियों के बिजनेस को अपनी सेना का वैध लक्ष्य मानेगा। ईरान का आरोप है कि मस्क की कंपनियों ने अमेरिका और इजरायल को ईरान के खिलाफ मदद दी है।
यह जानकारी ईरानी सरकारी मीडिया आउटलेट ‘फोर्स’ के हवाले से CNBC की रिपोर्ट में आई है। ईरान अपनी उन जगहों की लिस्ट बढ़ा रहा है जहां वह हमला कर सकता है। अब इस लिस्ट में मिडिल ईस्ट में मस्क की कंपनियों, उनके बिजनेस, ग्राउंड स्टेशन और संबंधित हर चीज को शामिल किया जा रहा है।
ईरान का आरोप
ईरान के अधिकारियों का कहना है कि मस्क की कंपनियों ने अमेरिका और इजरायल के हाई-टेक हमलों और खुफिया ऑपरेशन्स में सहयोग किया। इनमें ड्रोन हमले, बिना ड्राइवर वाले समुद्री जहाज और दूसरे एडवांस हथियार शामिल हैं। ईरान मानता है कि अमेरिका ने मस्क की तकनीक का इस्तेमाल करके युद्ध के नियम तोड़े हैं।
इसे भी पढ़ें: स्पेसएक्स के आईपीओ ने रचा इतिहास, एलन मस्क बने दुनिया के पहले ट्रिलियनेयर
इसलिए ईरान कह रहा है कि उसके पास मिडिल ईस्ट और इजरायल के कब्जे वाली जगहों पर मस्क की कंपनियों के दफ्तरों, सर्विस या किसी भी संबंधित चीज पर हमला करने का पूरा हक है। इसमें मिसाइल अटैक या साइबर अटैक दोनों शामिल हो सकते हैं।
ट्रंप की पोस्ट के बाद आई चेतावनी
यह धमकी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक सोशल मीडिया पोस्ट के तुरंत बाद आई। ट्रंप ने लिखा था कि अमेरिका आज रात ईरान पर बहुत जोरदार हमला करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी सेना खार्ग द्वीप पर कब्जा करने के लिए आगे बढ़ेगी, जो ईरान का महत्वपूर्ण तेल निर्यात केंद्र है।
IRGC की हिट लिस्ट
यह मस्क की कंपनियों को मिली पहली चेतावनी नहीं है। इस साल की शुरुआत में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अपना फोकस मिलिट्री हथियारों से हटाकर इन्फॉर्मेशन, कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी (ICT) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनियों पर कर दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक IRGC ने अपनी आधिकारिक हिट लिस्ट में 18 से ज्यादा बड़ी अमेरिकी कंपनियों के नाम डाले हैं।
स्टारलिंक पर क्या असर?
ईरान की लिस्ट में क्षेत्रीय स्टारलिंक ग्राउंड स्टेशन भी शामिल हैं। अगर ईरान ने वाकई अटैक किया तो सैटेलाइट इंटरनेट सेवाओं पर असर पड़ सकता है। कितना असर होगा, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि ईरान स्टारलिंक पर कितना बड़ा हमला करता है।
















