कर्नाटक के धारवाड़ जिले से लव जिहाद का मामला प्रकाश में आया है, जहां मुस्लिम आरोपी की प्रताड़ना से तंग आकर नाबालिग वंचित समुदाय की हिन्दू युवती ने आत्महत्या कर ली। पीड़िता जिले के गराग गांव की रहने वाली है। पुलिस के मुताबिक, 25 साल के नईम बेग ने उसे झूठे प्रेमजाल में फंसाया, उसका रेप किया। साथ ही उसे ब्लैकमेल करके इस्लाम कुबूल करने का दबाव डाला। पुलिस ने नईम बेग और उसके साथी सोहैल मुल्ला को गिरफ्तार कर लिया है।
लड़की की कहानी
गराग गांव की इस नाबालिग लड़की का परिवार वंचित समुदाय से है। रिपोर्ट्स के अनुसार, हनुमानकोप्पा गांव के रहने वाले नईम बेग जोरमनावर ने पहले उसे दोस्ती के बहाने अपने करीब लाया। धीरे-धीरे उसने लड़की का भरोसा जीता और फिर यौन शोषण शुरू कर दिया। वह बार-बार उसे मानसिक रूप से परेशान करता था। लड़की के परिवार को जब इस रिश्ते की जानकारी हुई तो उन्होंने सख्ती से विरोध किया और लड़की को समझाया कि उससे दूर रहे। कुछ समय अलग रहने के बाद नईम ने लड़की को एक मोबाइल फोन दिया ताकि दोनों का गुप्त संपर्क बना रहे।
ब्लैकमेल और दबाव
पुलिस जांच में पता चला कि नईम ने लड़की के निजी फोटो और वीडियो बनाए थे। बाद में उसने इन ऑब्सीन फोटो और वीडियो को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर अपलोड कर दिया, जिससे ये सार्वजनिक हो गए। इस वजह से लड़की बहुत ज्यादा मानसिक तनाव में चली गई। 8 मई 2026 को लड़की ने कीटनाशक पीकर आत्महत्या का प्रयास किया। उसे तुरंत हूबली के कर्नाटक मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (KMCRI) में भर्ती कराया गया, लेकिन 9 मई 2026 को उसकी मौत हो गई।
पुलिस की कार्रवाई
धारवाड़ पुलिस ने मामले की गहन जांच की। गराग पुलिस स्टेशन के सब-इंस्पेक्टर प्रवीण गंगोल की टीम ने गदग जिले के शिराहट्टी से 25 साल के नईम बैग को गिरफ्तार किया। उसके साथी 22 साल के सोहैल मुल्ला उर्फ़िनबेटगेरी गांव के निवासी को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने दोनों के मोबाइल फोन से कई फोटो और वीडियो बरामद किए, जो यौन शोषण की पुष्टि करते हैं। FIR लड़की की मौत के करीब 15 दिन बाद दर्ज हुई, जिस पर कुछ सवाल भी उठे हैं।
समाज की प्रतिक्रिया
इस घटना पर हिंदू संगठनों ने इसे लव जिहाद का मामला बताया है। श्री राम सेने के प्रमुख प्रमोद मुतालिक गराग गांव पहुंचे, परिवार से मिले और पुलिस की देरी पर सवाल उठाए। बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद ने गांव में विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की है। वे आरोपियों को सख्त सजा देने की मांग कर रहे हैं।
दलित संघर्ष समिति (DSS) की नेता हेमावती टी ने कहा कि आरोपी ने रिश्ता बनाया, फिर परेशान किया, जिससे आत्महत्या हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस शुरू में आरोपी के पक्ष में रही और केस को दबाने की कोशिश की गई। उन्होंने निष्पक्ष और तेज जांच की मांग की है। अगर न्याय नहीं मिला तो परिवार के साथ धरना देने की चेतावनी भी दी। परिवार की ओर से पूर्ण न्याय और फास्ट ट्रैक ट्रायल की मांग की जा रही है।














