सोशल मीडिया पर फेक और फैक्ट न्यूज के बीच अंतर कर पाना बेहद कठिन है। इसी क्रम में एक खबर सोशल मीडिया पर प्रसारित की जा रही है, जिसमें ये दावा किया जा रहा है कि नेपाल ने भारत से आम के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया है। PIB फैक्ट चेक ने इसे फेक न्यूज करार दिया है।
इसको लेकर केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय ने एक स्पष्ट बयान जारी किया है। इसमें कहा गया है कि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह खबर चल रही थी कि नेपाल ने भारत से आमों के आयात पर बैन या सस्पेंड कर दिया है। ये खबरें पूरी तरह गलत और भ्रामक हैं।
FAKE NEWS ALERT!
🚨 Several media reports are claiming that the Government of Nepal has imposed a ban on the imports of mangoes from India. #PIBFactCheck:
❌ This claim is #Fake.
✅ No such ban has been imposed on the import of Indian mangoes by the Government of Nepal.… pic.twitter.com/9j4tambQhq
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) June 11, 2026
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नेपाल सरकार की आधिकारिक सफाई
10 जून 2026 को नेपाल के प्लांट क्वारंटाइन और पेस्टिसाइड मैनेजमेंट सेंटर ने एक बयान में स्पष्ट किया है कि भारत के आमों पर कोई बैन नहीं लगाया गया है। आयात पूरी तरह जारी है, बस कुछ तय फाइटोसैनिटरी (पौध स्वास्थ्य संबंधी) शर्तों का पालन करना होता है। भारत सरकार द्वारा जारी वैध फाइटोसैनिटरी सर्टिफिकेट के साथ जरूरी दस्तावेज जमा करने पर नेपाल में इंपोर्ट परमिट और रिलीज ऑर्डर जारी किए जा रहे हैं।
व्यापार की मौजूदा स्थिति
भारत से नेपाल को आमों का निर्यात बिना किसी रुकावट के जारी है। जनवरी 2026 से अब तक कुल 149 कंसाइनमेंट भेजे गए हैं, जिनमें 2005 मीट्रिक टन आम शामिल हैं। सिर्फ जून 2026 में ही अब तक 18 कंसाइनमेंट भेजे जा चुके हैं, जिनकी कुल मात्रा 266 मीट्रिक टन है।
नई शर्तें और भारत का रुख
नेपाल ने हाल ही में कुछ आयात शर्तों में बदलाव किया है, जिसमें हॉट वॉटर ट्रीटमेंट (HWT) की जरूरत भी शामिल है। भारत इन नई जरूरतों का पालन करते हुए निर्यात को आसान बना रहा है। साथ ही, भारत ने नेपाल के सामने अपनी चिंता जताई है कि नई फाइटोसैनिटरी मापदंड बिना पहले चर्चा किए लागू किए गए। भारत इस मामले को द्विपक्षीय स्तर पर उठा रहा है, जो WTO SPS एग्रीमेंट और अंतर्राष्ट्रीय पौध संरक्षण कन्वेंशन (IPPC) के ढांचे के अनुसार किया जा रहा है। इस बीच सरकार ने देश के व्यापारी, स्टेकहोल्डर्स और आम लोगों को आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करने को कहा है।

















