बिहार चुनाव 2025: विधानसभा चुनाव के मद्देनजर बिहार में सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आरा और नवादा में जनसभाएं करके लोगों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने विकसित बिहार के मुद्दे पर जोर देते हुए कहा कि यही विकसित भारत का आधार है। प्रधानमंत्री ने इस मौके पर महागठबंधन में चल रही खींचतान का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य में मुख्यमंत्री पद के लिए कांग्रेस और आरजेडी में रस्साकसी अभी भी चल रही है। लेकिन आरजेडी ने कांग्रेस की कनपटी पर कट्टा सटाकर सीएम पद उससे छीन लिया।
उन्होंने तंज कसते हुए स्पष्ट किया कि कांग्रेस की आकांक्षा मुख्यमंत्री पद हासिल करने की थी। इसलिए नहीं चाहती थी की किसी आरजेडी नेता का नाम मुख्यमंत्री के पद के लिए फाइनल हो। अपने भाषण के दौरान प्रधानमंत्री ने आरजेडी के जंगलराज का जिक्र करते हुए कहा कि इस पार्टी के जंगलराज की पहचान जिन चीजों से होती है, वे हैं कटुता, क्रूरता, कट्टा, कुशासन, कुसंस्कार और करप्शन।
मेड इन इंडिया का केंद्र बने बिहार
अपने भाषण के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार के विकास पर बात करते हुए औद्योगीकरण, युवाओं को रोजगार और महिलाओं को सशक्तिकरण पर जोर दिया और कहा कि हमारा लक्ष्य है कि ‘बिहार मेड इन इंडिया’ का केंद्र बने। इसके लिए एनडीए की सरकार हजारों की संख्या में लघु और कुटीर उद्योगों को मजबूत करेंगे। प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई के वो दिन अब दूर नहीं है कि बिहार पूर्वी भारत का टैक, टेक्सटाइल और टूरिज्म का बड़ा सेंटर बनेगा।
इसे भी पढ़ें: बिहार में फिर एनडीए सरकार बनी तो एक करोड़ युवाओं को मिलेगा रोजगार, बिछेगा उद्योगों का जाल : प्रधानमंत्री मोदी
मत्स्य पालक योजना पर बात
इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों को मत्स्य पालक योजना के बारे में बता कि कि इस योजना के अंतर्गत किस प्रकार से मछुआरों के परिवारों को 9000 रुपए तक की मदद मिलेगी। इसके साथ ही उन्होंने लोगों को वन रैंक वन पेंशन, आर्टिकल 370 हटाने और ऑपरेशन सिंदूर के बारे में भी बताया।
फिर से वैश्विक ज्ञान का केंद्र बनेगा मगध
नवादा में जनता को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने संकल्प लिया कि एक बार फिर से मगध को वैश्विक ज्ञान का केंद्र बनाया जाएगा। उन्होंने बिहार में शिक्षा, कौशल विकास, पर्यटन और खेलों के क्षेत्र में किए जा रहे विकास का भी जिक्र किया। साथ ही प्रधानमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत बिहार के किसानों को 30 हजार करोड़ और नवादा के 2 लाख किसानों को 650 करोड़ रुपए बांटे जा चुके हैं।
















