देहरादून। उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्थित प्रसिद्ध श्री कैंची धाम में आगामी 15 जून को आयोजित होने वाले ऐतिहासिक स्थापना दिवस और वार्षिक मेले की तैयारियां तेज हो गई हैं। देश-दुनिया से आने वाले बाबा नीम करौरी (Neem Karoli Baba) के लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को देखते हुए मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने शासन और पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि मेले को पूरी तरह से सुव्यवस्थित ढंग से आयोजित करने के लिए पुलिस, जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग (PWD) आपसी समन्वय के साथ काम करें।
यातायात संकुलन से बचने के लिए बनेगा स्पेशल रूट प्लान, चलेगी शटल सेवा
मेले के दौरान उमड़ने वाली भारी भीड़ और वाहनों के दबाव को नियंत्रित करने के लिए लोक निर्माण विभाग और पुलिस को विशेष दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
- 10 दिनों का रूट प्लान: श्रद्धालुओं के आवागमन के ‘पीक टाइम’ को ध्यान में रखते हुए अगले 10 दिनों के लिए विशेष रूट प्लान और यातायात प्रबंधन लागू किया जाएगा।
- जोनल और सेक्टोरल प्लान: पूरे मेला क्षेत्र को सुरक्षा और व्यवस्था की दृष्टि से विभिन्न जोन और सेक्टर में विभाजित किया जाएगा।
- शटल सेवा की शुरुआत: मुख्य मार्ग पर निजी वाहनों की भीड़ और जाम को कम करने के लिए प्रशासन ने हल्द्वानी और भवाली से कैंची धाम तक आने-जाने के लिए विशेष शटल सेवा शुरू करने का निर्णय लिया है।
- व्यापक प्रचार-प्रसार: पार्किंग मैनेजमेंट और रूट डायवर्जन की जानकारी स्थानीय स्तर के साथ-साथ उत्तराखंड के बाहर भी प्रचारित की जाएगी, ताकि बाहरी राज्यों से आने वाले भक्तों को असुविधा न हो।
मल्टीलेवल पार्किंग और मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त करने के निर्देश
मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि मेला क्षेत्र और पार्किंग स्थलों पर श्रद्धालुओं को बुनियादी सुविधाओं की कोई कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निम्नलिखित व्यवस्थाएं तुरंत पूरी करने के निर्देश दिए:
“सौन्दर्यीकरण और प्रकाशीकरण (लाइटिंग) का कार्य समय से पहले पूरा किया जाए। मल्टीलेवल पार्किंग के लिए आने और जाने का मार्ग पूरी तरह से व्यवस्थित रखा जाए, ताकि वहां जाम की स्थिति न बने। इसके साथ ही पार्किंग एरिया से मुख्य मंदिर तक श्रद्धालुओं को लाने-ले जाने के लिए भी पर्याप्त शटल वाहनों की व्यवस्था की जाए। वैकल्पिक मार्गों की ब्लैक टॉपिंग (डामरीकरण) का काम भी तुरंत पूरा हो।”
मेला क्षेत्र और पार्किंग लोकेशंस पर पर्याप्त मात्रा में शुद्ध पेयजल और टॉयलेट की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा गया है।
आकस्मिक परिस्थितियों के लिए तैयार रहेगी ‘निकासी योजना’
भीड़ नियंत्रण (Crowd Management) को लेकर मुख्य सचिव ने बेहद कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए एक पुख्ता निकासी योजना (Evacuation Plan) अनिवार्य रूप से तैयार रखी जाए।
मेला परिसर और उसके आसपास स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ-साथ पर्याप्त संख्या में एम्बुलेंस की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी। इस आपातकालीन निकासी योजना की जानकारी ड्यूटी पर तैनात पुलिस
















