लखनऊ। स्वयंसेवक के व्यक्तित्व निर्माण में परिवार की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका होती है। परिवार और समाज के बीच एक सशक्त संबंध ही राष्ट्र जीवन को सही दिशा प्रदान करता है। यह महत्वपूर्ण विचार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के बौद्धिक शिक्षण प्रमुख मिथिलेश नारायण जी ने व्यक्त किए।
वे रविवार रात्रि को लखनऊ के सरस्वती कुंज, निरालानगर में चल रहे ‘कार्यकर्ता विकास वर्ग-प्रथम’ के ‘कुटुम्ब-सहभोज’ कार्यक्रम में स्वयंसेवकों के लिए भोजन लेकर आए परिवारों को सम्बोधित कर रहे थे।
“सहभोज से प्रकट हुई संघ की पारिवारिक भावना”
मिथिलेश नारायण जी ने कहा कि, “इस परिवार सहभोज के माध्यम से संघ की उस मूल भावना का प्रकटीकरण हुआ है, जिसमें परिवार को समाज की सबसे मूल इकाई मानते हुए उसके संस्कार, संवाद और संगठन को अत्यधिक महत्व दिया जाता है।”
वर्ग कार्यवाह देवेन्द्र अस्थाना ने जानकारी देते हुए बताया कि इस कार्यक्रम में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे शिक्षार्थियों के परिवारों ने भारी उत्साहपूर्वक सहभागिता की। यह कार्यक्रम संघ के ‘पंच परिवर्तन’ के अन्तर्गत चल रहे ‘कुटुम्ब प्रबोधन’ कार्य की भावना को और अधिक सशक्त करने वाला एक स्वर्णिम अवसर बना।
सहभोज में 200 परिवारों ने की सहभागिता, दिखा ‘अपनत्व’
आयोजन की प्रमुख झलकियां:
- शिक्षार्थियों की संख्या: वर्तमान में इस वर्ग में पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के 4 प्रांतों— अवध, कानपुर, काशी एवं गोरक्ष प्रांत— के कुल 289 शिक्षार्थी कठोर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
- विशाल सहभागिता: इस विशेष ‘परिवार सहभोज’ कार्यक्रम में लगभग 200 परिवारों ने सहभागिता की।
- सेवा भाव: लखनऊ महानगर के कार्यकर्ता अपने परिवार के साथ उपस्थित हुए। विशेष बात यह रही कि वे अपने परिवार के अतिरिक्त तीन अन्य शिक्षार्थियों के लिए भी भोजन लेकर आये।
- सभी परिवारों द्वारा लाए गए विविध व्यंजनों के साथ सामूहिक सहभोज का आयोजन हुआ, जिससे परिसर में आत्मीयता, सहयोग और अपनत्व का अद्भुत वातावरण निर्मित हुआ।
पारिवारिक संबंधों और सामाजिक एकता को मिली मजबूती
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित परिवारों को प्रशिक्षण वर्ग की विभिन्न गतिविधियों, प्रशिक्षण की व्यवस्था तथा संघ कार्य के विविध आयामों से भली-भांति परिचित कराया गया। परिवारों के बीच परस्पर संवाद, परिचय एवं सहभागिता के माध्यम से संबंधों को और अधिक सुदृढ़ बनाने का अवसर प्राप्त हुआ। उपस्थित परिवारों ने इस अनूठे आयोजन की भूरि-भूरि सराहना करते हुए इसे आत्मीयता, संस्कार और सामाजिक एकता को मजबूत करने वाला एक महत्वपूर्ण प्रयास बताया।
सहभोज कार्यक्रम में इनकी रही प्रमुख उपस्थिति
इस पारिवारिक एवं आत्मीय अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कई शीर्ष पदाधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख हैं:
- रामदत्त चक्रधर (सह सरकार्यवाह)
- अनिल जी (सह क्षेत्र कार्यवाह)
- सरदार स्वर्ण सिंह (वर्ग के सर्वाधिकारी)
- प्रो. राज बिहारी (सह वर्ग कार्यवाह)
- अखिलेश जी (क्षेत्र शारीरिक प्रमुख)
- युद्धवीर जी (क्षेत्र सेवा प्रमुख)
- राजेन्द्र जी (क्षेत्र प्रचारक प्रमुख)
- कौशल जी (प्रांत प्रचारक)











