रांची । जनजाति सुरक्षा मंच द्वारा रांची स्थित प्रेस क्लब में आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता में मंच के राष्ट्रीय संयोजक डॉ. राज किशोर हांसदा ने दिल्ली में सफलतापूर्वक संपन्न हुए ‘जनजाति सांस्कृतिक समागम 2026’ की अभूतपूर्व सफलता पर गहरी प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने इस आयोजन को जनजातीय समाज के आत्मगौरव और जागरण का ऐतिहासिक प्रसंग बताया।
भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती और सांस्कृतिक विरासत का भव्य प्रदर्शन
डॉ. हांसदा ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती वर्ष के पावन अवसर पर आयोजित यह समागम जनजातीय संस्कृति, परंपरा, आस्था, अस्मिता और राष्ट्रीय एकात्मता का एक विराट प्रतीक बनकर उभरा है।
- देशभर के सैकड़ों जनजातीय समुदायों के लाखों महिला-पुरुषों ने इस ऐतिहासिक आयोजन में सहभागिता की।
- झारखंड सहित देश के विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों ने अपनी पारंपरिक वेशभूषा, लोक कलाओं, लोकनृत्यों और सांस्कृतिक परंपराओं के माध्यम से राष्ट्रीय मंच पर अपनी समृद्ध विरासत को प्रस्तुत किया।
- यह आयोजन जनजातीय समाज के आत्मगौरव, संगठनात्मक शक्ति और राष्ट्रीय चेतना का एक ऐतिहासिक प्रदर्शन था।
संवैधानिक अधिकारों की रक्षा हेतु प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति से की गई भेंट
जनजाति सुरक्षा मंच जनजातीय समाज की सांस्कृतिक अस्मिता, पारंपरिक आस्था और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रहा है। इसी क्रम में, समागम के पश्चात मंच के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने जनजातीय समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों और उनके अधिकारों की मांगों को प्रमुखता से उनके समक्ष रखा।
“जनजातीय समाज केवल एक संवैधानिक श्रेणी नहीं है, बल्कि यह विशिष्ट संस्कृति, परंपरा, रीति-रिवाज और जीवन-पद्धति का जीवंत स्वरूप है। इसकी पहचान और अधिकारों की रक्षा के लिए स्पष्ट एवं प्रभावी वैधानिक व्यवस्था अत्यंत आवश्यक है।” – डॉ. राज किशोर हांसदा
आयोजन की सफलता पर जताया आभार
डॉ. राजकिशोर हांसदा ने इस विराट समागम की सफलता में अपना बहुमूल्य योगदान देने वाले सभी जनजाति समाज बंधुओं, सामाजिक संगठनों, कार्यकर्ताओं, महिला समूहों, युवाओं, मीडिया प्रतिनिधियों तथा सहयोगी संस्थाओं के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने दृढ़ विश्वास जताया कि यह आयोजन जनजातीय समाज में सांस्कृतिक जागरण, सामाजिक एकता और आत्मगौरव की भावना को भविष्य में और अधिक सशक्त करेगा।
इस महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता के दौरान मंच पर मुख्य रूप से भगवान सहाय जी (राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री, वनवासी कल्याण आश्रम) और संदीप उराँव (क्षेत्र संयोजक, जनजाति सुरक्षा मंच) सहित संगठन के अन्य प्रमुख कार्यकर्ता उपस्थित रहे।











