हल्द्वानी। उत्तराखंड के हल्द्वानी में नैनीताल पुलिस ने एक ऐसे बड़े ड्रग्स सप्लायर गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों की भी चिंता बढ़ा दी है। पुलिस को अंदेशा है कि अब स्मैक की तस्करी का रूट बदल रहा है और यह उत्तर प्रदेश के बरेली से न होकर राजस्थान के भरतपुर से संचालित होने लगी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) मंजुनाथ टीसी के नेतृत्व में नैनीताल पुलिस को नशे के खिलाफ यह अब तक की सबसे बड़ी सफलता मिली है।
चेकिंग के दौरान पकड़े तस्कर, 2 करोड़ की खेप बरामद
एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) और कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने चेकिंग के दौरान इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। मुखबिर की सटीक सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों तस्करों को दबोच लिया।
- तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से भारी मात्रा में स्मैक (Smack) बरामद हुई।
- अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस पकड़ी गई स्मैक की कीमत करीब 2 करोड़ रुपये आंकी गई है।
- पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे साधनों को भी सीज कर दिया है।
पहाड़ से मैदान तक फैला था नेटवर्क
एसएसपी मंजुनाथ टीसी ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पकड़े गए दोनों आरोपी सगे भाई हैं और लंबे समय से नशा तस्करी के इस काले कारोबार में सक्रिय थे।
आरोपियों की पहचान-
गिरफ्तार किए गए दोनों भाइयों के नाम गज़ब सिंह और सीताराम हैं। पूछताछ में सामने आया है कि ये तस्कर देवभूमि उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों से लेकर मैदानी क्षेत्रों तक युवाओं के बीच स्मैक की सप्लाई किया करते थे।
भरतपुर बॉर्डर से जुड़े तार, जल्द होगा पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश
पुलिस अब इन दोनों आरोपियों के नेटवर्क की कड़ियां खंगालने में जुट गई है। सख्ती से हुई पूछताछ में कई अन्य बड़े तस्करों के नाम भी सामने आए हैं। यह बात पुख्ता हुई है कि इनका नेटवर्क मुख्य रूप से भरतपुर (राजस्थान) बॉर्डर से जुड़ा हुआ है, जहां से यह खेप देवभूमि उत्तराखंड में सप्लाई की जा रही थी।
पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस पूरे ड्रग्स सिंडिकेट और इसके मास्टरमाइंड का पर्दाफाश किया जाएगा। फिलहाल पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट (नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट) के तहत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है और उन्हें जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है।














