चंडीगढ़/अमृतसर। 6 जून 1984 को अमृतसर के श्री हरिमंदिर साहिब से आतंकियों को खदेड़ने के लिए चलाए गए ‘ऑपरेशन ब्लू स्टार’ (Operation Blue Star) की बरसी से ठीक पहले पंजाब में दहशत फैलाने की साजिश रची गई है। आतंकी संगठनों ने ईमेल के जरिए पंजाब के कई प्रमुख हिंदू मंदिरों और कुछ सरकारी संस्थानों को बम से उड़ाने की धमकी दी है। इस धमकी के बाद राज्य भर में सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
इन प्रमुख मंदिरों को मिली है धमकी
धमकी भरे ईमेल में पंजाब और हरियाणा के जिन प्रमुख धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने का जिक्र किया गया है, उनमें शामिल हैं:
- श्री दुर्ग्याणा मंदिर (अमृतसर)
- माता माइसर खाना मंदिर (बठिंडा के मौड़ मंडी स्थित सिद्ध शक्ति पीठ)
- श्री देवी तालाब मंदिर (जालंधर)
- पंचकूला के प्रमुख मंदिर
ईमेल में लिखा- “बदला, बदला, बदला” और IED का जिक्र
जानकारी के अनुसार, मंदिर प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों को भेजे गए ईमेल में बेहद भड़काऊ और धमकी भरे शब्दों का इस्तेमाल किया गया है।
संदेश में स्पष्ट रूप से 6 जून 1984 के विवादित सैन्य अभियान का उल्लेख करते हुए कई बार “बदला, बदला, बदला” शब्द लिखा गया है। इसके अलावा ईमेल में विस्फोट (Blast) और आईईडी (IED) लगाए जाने जैसी गंभीर धमकियां भी दी गई हैं।
दुर्ग्याणा मंदिर और माइसरखाना में बढ़ाई गई सुरक्षा
धमकी मिलने के तुरंत बाद, श्री दुर्ग्याणा मंदिर (अमृतसर) और माता माइसरखाना मंदिर (बठिंडा) की सुरक्षा व्यवस्था में कई अतिरिक्त कदम उठाए गए हैं।
- सघन चेकिंग: मंदिरों के सभी प्रमुख प्रवेश द्वारों पर मेटल डिटेक्टर (Metal Detectors) लगाए गए हैं और श्रद्धालुओं की सघन जांच की जा रही है।
- अतिरिक्त पुलिस बल: मंदिर परिसर, पार्किंग क्षेत्र और आसपास के संवेदनशील स्थानों के अंदर और बाहर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
- निगरानी: परिसर में आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति और संदिग्ध गतिविधियों पर सीसीटीवी कैमरों और सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों द्वारा पैनी नजर रखी जा रही है।
साइबर विशेषज्ञ खंगाल रहे हैं डिजिटल साक्ष्य
सुरक्षा एजेंसियों का मुख्य फोकस अब यह पता लगाना है कि यह ईमेल किसने और कहां से भेजा है। साइबर विशेषज्ञ (Cyber Experts) ईमेल के तकनीकी पहलुओं और आईपी एड्रेस (IP Address) की गहराई से जांच कर रहे हैं। पुलिस, खुफिया एजेंसियां और साइबर सेल संयुक्त रूप से यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि संदेश का वास्तविक स्रोत क्या है और इसके पीछे कौन से आतंकी संगठन या स्लीपर सेल शामिल हो सकते हैं।
प्रशासन की अपील: “अफवाहों पर ध्यान न दें”
हालांकि धमकियों के बावजूद मंदिरों में श्रद्धालुओं की आवाजाही जारी है। पुलिस और प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें।
अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं और किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही नागरिकों से आग्रह किया गया है कि यदि उन्हें कोई लावारिस संदिग्ध वस्तु, व्यक्ति या गतिविधि दिखाई दे, तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को दें।












