पिथौरागढ़। विश्व पर्यावरण दिवस 2026 की थीम “प्रकृति से प्रेरित, जलवायु के लिए, हमारे भविष्य के लिए” के अंतर्गत 130 इन्फैंट्री बटालियन (टीए) ईको कुमाऊँ द्वारा आयोजित विश्व पर्यावरण सप्ताह के कार्यक्रमों के तहत आज यक्षवती नदी पुनर्जीवन अभियान एवं वृहद पौधरोपण अभियान का सफल आयोजन किया गया।
इन महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में सैन्य बलों, अर्धसैनिक बलों, विद्यार्थियों एवं स्थानीय नागरिकों ने अत्यंत उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता व्यक्त की।
यक्षवती नदी: स्वच्छता और पुनर्जीवन अभियान
यक्षवती नदी के रई बगड क्षेत्र में आयोजित इस पुनर्जीवन एवं स्वच्छता अभियान में कई संगठनों ने अपनी सक्रिय सहभागिता दर्ज कराई। अभियान के दौरान नदी तटों एवं जलधारा के आसपास फैले प्लास्टिक, पॉलीथीन एवं अन्य अपशिष्ट पदार्थों को हटाकर पूरे क्षेत्र की व्यापक स्तर पर सफाई की गई। साथ ही प्रतिभागियों को जल स्रोतों के संरक्षण एवं स्वच्छता के महत्व के प्रति भी जागरूक किया गया।
अभियान में इनकी रही प्रमुख भागीदारी:
- 130 इन्फैंट्री बटालियन (टीए) ईको कुमाऊँ
- 12 कुमाऊँ रेजिमेंट
- सशस्त्र सीमा बल (SSB) के जवान
- एनसीसी (NCC) कैडेट्स
- जनरल बी.सी. जोशी आर्मी पब्लिक स्कूल के छात्र-छात्राएं
नदी का महत्व: यक्षवती नदी पिथौरागढ़ नगर की एक महत्वपूर्ण जीवनरेखा है, जो वर्षों से स्थानीय नागरिकों एवं सैन्य प्रतिष्ठानों को पेयजल उपलब्ध कराती रही है। बढ़ते प्रदूषण एवं मानवीय हस्तक्षेप के कारण नदी के समक्ष उत्पन्न चुनौतियों को देखते हुए यह अभियान इसके संरक्षण एवं पुनर्जीवन की दिशा में एक ‘मील का पत्थर’ सिद्ध हुआ है।
देवकटिया क्षेत्र में रोपे गए 1,000 पौधे
इसी क्रम में देवकटिया क्षेत्र में 130 इन्फैंट्री बटालियन (टीए) ईको कुमाऊँ के नेतृत्व में, 348 मीडियम रेजिमेंट तथा 14वीं बटालियन आईटीबीपी (ITBP) के विशेष सहयोग से एक वृहद पौधरोपण अभियान भी संचालित किया गया।
अभियान के दौरान विभिन्न प्रजातियों के 1,000 पौधों का रोपण किया गया। यह पहल क्षेत्र में हरित आवरण बढ़ाने, मृदा (मिट्टी) संरक्षण को प्रोत्साहित करने तथा स्थानीय जैव विविधता को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है।
“पर्यावरण संरक्षण में अग्रणी है ईको कुमाऊँ”
130 इन्फैंट्री बटालियन (टीए) ईको कुमाऊँ के सहायक कमान अधिकारी ले. कर्नल वीएस दानू ने बताया:
“फोर्स उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण एवं वनीकरण कार्यों में हमेशा अग्रणी भूमिका निभा रही है। बटालियन द्वारा नियमित रूप से वृक्षारोपण, जल स्रोत संरक्षण, मृदा संरक्षण तथा पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जाते हैं। विश्व पर्यावरण सप्ताह के दौरान आयोजित ये गतिविधियाँ पर्यावरण संरक्षण के प्रति हमारी सतत प्रतिबद्धता का परिचायक हैं।”
कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण, जल स्रोतों की स्वच्छता तथा वृक्षारोपण को एक ‘जन-आंदोलन’ का स्वरूप देने का सामूहिक संकल्प लिया। स्थानीय नागरिकों एवं विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि सामूहिक प्रयासों से ही प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण एवं सतत विकास सुनिश्चित किया जा सकता है।
इन अभियानों के माध्यम से पिथौरागढ़ में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता को न केवल एक नई दिशा मिली है, बल्कि यक्षवती नदी और क्षेत्र की हरित संपदा के संरक्षण हेतु एक मजबूत आधार भी तैयार हुआ है।











