भुवनेश्वर में शनिवार को पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री और संबलपुर सांसद धर्मेंद्र प्रधान ने Zen Z के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि यह नई पीढ़ी एक ऐसी ताकत है जिसे कोई भी नजरअंदाज नहीं कर सकता। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी यही बात कही थी कि शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारियां युवाओं के संकल्प और आकांक्षाओं के आगे बहुत छोटी हैं।
Zen Z की जिद से तकलीफ हुई
प्रधान ने हल्के अंदाज में बताया कि Zen Z की जिद की वजह से उन्हें थोड़ी तकलीफ भी हुई। लेकिन अब उन्हें समझ आ गया है कि नई पीढ़ी का विरोध करने के बजाय उसे समझना ज्यादा जरूरी है। कुछ लोगों ने Zen Z को गुमराह करने की कोशिश की, ऐसा उन्होंने कहा। लेकिन मंत्री पद उनके लिए कोई इज्जत का सवाल नहीं था। देश का हित सबसे ऊपर है, यही उनका कहना था।
20 करोड़ युवाओं की ताकत
देश में 15 से 25 साल के करीब 20 करोड़ युवा हैं। प्रधान ने कहा, “अगर ये 20 करोड़ नौजवान किसी बात पर अड़ जाएं या संकल्प ले लें, तो उनके दृढ़ निश्चय के आगे एक शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारी कुछ भी नहीं रह जाती।”
उन्होंने यह बात प्रधानमंत्री को समझाने की कोशिश की। बाद में प्रधानमंत्री ने खुद युवाओं से सीधा संवाद भी किया।
हर जमाने में युवा ही आगे रहे
प्रधान ने याद दिलाया कि हर पीढ़ी में ऐसे युवा पैदा हुए हैं, जिन्होंने देश के लिए कुर्बानी दी। इतिहास में हमेशा युवा ही बदलाव लाए हैं और बलिदान दिए हैं। वे अपने समय के Zen Z ही थे। यह बयान उन्होंने शनिवार को भुवनेश्वर में दिया। वे अभी संबलपुर से सांसद हैं और पहले शिक्षा मंत्री रह चुके हैं।











